शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली
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CEC नियुक्ति विवाद: जयराम रमेश का भाजपा पर संसद के अपमान का आरोप, सत्ता पक्ष का पलटवार

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर संसदीय लोकतंत्र का "मजाक उड़ाने" और संसद को लगातार कमजोर करने का गंभीर आरोप लगाया है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार…

CEC नियुक्ति विवाद: जयराम रमेश का भाजपा पर संसद के अपमान का आरोप, सत्ता पक्ष का पलटवार
(फोटो: IANS)

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर संसदीय लोकतंत्र का "मजाक उड़ाने" और संसद को लगातार कमजोर करने का गंभीर आरोप लगाया है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने विशेष रूप से मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) की नियुक्ति से जुड़े विधेयक को पारित करने के तरीके पर सवाल उठाया है।

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रमेश की यह प्रतिक्रिया भाजपा से जुड़े एक संगठन द्वारा आयोजित 'मॉक पार्लियामेंट' (नकली संसद) के संदर्भ में आई है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह विधेयकों को जबरदस्ती पारित करवा रहे हैं, जनहित के मुद्दों पर बहस से इनकार कर रहे हैं और सदनों को "आत्म-प्रशंसा का मंच" बना रहे हैं।

विवाद का केंद्र: CEC नियुक्ति विधेयक

कांग्रेस नेता ने दिसंबर 2023 की एक घटना का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जब 145 विपक्षी सांसद निलंबित थे, तब सरकार ने दोनों सदनों से मुख्य चुनाव आयुक्त को "अभूतपूर्व 'आजीवन प्रतिरक्षा'" देने वाला विधेयक पारित करवा लिया। जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि इस विधेयक के पारित होने के तुरंत बाद ज्ञानेश कुमार को मुख्य चुनाव आयुक्त नियुक्त किया गया, ताकि वे "करोड़ों भारतीयों को उनके संवैधानिक मताधिकार से वंचित कर सकें"।

आरोप-प्रत्यारोप का दौर

यह पूरा विवाद मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन को लेकर चल रहे राजनीतिक टकराव की पृष्ठभूमि में सामने आया है, जहाँ विपक्षी गठबंधन चुनाव आयोग के कामकाज पर लगातार सवाल उठा रहा है। 'इंडिया' ब्लॉक केंद्रीय चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग कर रहा है और 'वोट चोरी' के आरोपों को उजागर करने के लिए कई कार्यक्रम आयोजित कर चुका है, जिसमें एक मॉक पार्लियामेंट भी शामिल है।

दूसरी ओर, भाजपा इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करती रही है। सत्ताधारी दल का कहना है कि संसदीय कार्यवाही नियमों के अनुसार ही चलती है और चुनाव आयोग एक स्वतंत्र संस्था के रूप में कार्य करता है। भाजपा ने विपक्ष के इस अभियान को चुनावी हार के बाद संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने का एक प्रयास बताया है।

इसी क्रम में, भाजपा से जुड़े संगठन 'सिटीजन्स फॉर डेमोक्रेसी' ने 30 अक्टूबर को नई दिल्ली के NDMC कन्वेंशन सेंटर में 'लोकतंत्र बनाम अराजकता' विषय पर एक नकली संसद का आयोजन किया था। इसमें देशभर के युवाओं ने हिस्सा लिया।

इनपुट: IANS

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News4Social राजनीति डेस्क

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