ईरान का जवाबी हमला: जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमले का दावा
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने सोमवार को दावा किया है कि उसने जॉर्डन में स्थित अमेरिकी हवाई ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से एक संयुक्त हमला किया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार…
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने सोमवार को दावा किया है कि उसने जॉर्डन में स्थित अमेरिकी हवाई ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से एक संयुक्त हमला किया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह कार्रवाई ईरान के लारक द्वीप पर हुए एक कथित अमेरिका-इजरायल हवाई हमले के जवाब में की गई।
IRGC द्वारा जारी बयान में कहा गया कि जॉर्डन के किंग हुसैन और अल-अजराक अमेरिकी सैन्य अड्डों को निशाना बनाया गया। फार्स समाचार एजेंसी के हवाले से दिए गए इस बयान में दावा किया गया कि हमले में ठिकानों के तकनीकी और रखरखाव से जुड़े ढांचों को और लड़ाकू विमानों की तैनाती वाली जगहों को निशाना बनाकर भारी नुकसान पहुँचाया गया है।
जवाबी कार्रवाई का संकल्प
ईरान ने इस हमले को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा, "आक्रामकता और अपराध इस्लामी गणराज्य ईरान के होर्मुज स्ट्रेट पर नियंत्रण को कमजोर करने की दुश्मन की कोशिशों में उसकी हताशा को दूर नहीं कर सकते।" IRGC ने चेतावनी दी कि भविष्य में होने वाले हर हमले का जवाब "इससे भी अधिक कड़े और विनाशकारी तरीके से दिया जाएगा।"
हमले की पृष्ठभूमि
यह घटनाक्रम रविवार को लारक द्वीप पर हुई अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद सामने आया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) के प्रवक्ता टिम हॉकिन्स ने बताया था कि अमेरिकी बलों ने होर्मुज स्ट्रेट के पास स्थित इस रणनीतिक ईरानी द्वीप पर IRGC के दो रॉकेट लॉन्चरों पर हमला किया था। हॉकिन्स के अनुसार, "IRGC के जवानों को होर्मुज स्ट्रेट में समुद्री बारूदी सुरंगों के साथ रॉकेट लॉन्च करने की तैयारी करते हुए देखा गया था।"
दोनों पक्षों के दावे
दूसरी ओर, IRGC ने दावा किया कि रविवार रात लारक द्वीप पर हुए 'अमेरिका-इजरायल' हमले में कई सैन्यकर्मी और आम नागरिक या तो मारे गए या घायल हुए। वहीं, ईरान की अर्ध-सरकारी तस्नीम समाचार एजेंसी ने अपुष्ट रिपोर्टों का हवाला देते हुए इस हमले में कम से कम दो लोगों की मौत और दो अन्य के घायल होने की बात कही है। अमेरिकी सेना का कहना है कि वह क्षेत्र पर लगातार नजर रखे हुए है और इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से अंतरराष्ट्रीय व्यापार को सुरक्षित रखने के लिए तैयार है।
इनपुट: IANS



