दिल्ली: अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स रैकेट का पर्दाफाश, तीन नाइजीरियाई नागरिकों समेत चार गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में सक्रिय एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में तीन नाइजीरियाई नागरिकों और एक भारतीय सहयोगी को गिरफ्तार…
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में सक्रिय एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में तीन नाइजीरियाई नागरिकों और एक भारतीय सहयोगी को गिरफ्तार किया गया है, जिनके पास से भारी मात्रा में कोकीन और एमडीएमए जैसे मादक पदार्थ बरामद हुए हैं। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, यह गिरोह बड़े पैमाने पर ड्रग्स की खरीद, भंडारण और सप्लाई में शामिल था।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान नाइजीरियाई नागरिक न्नामदी ओसिटा उर्फ जोहान पीटर (46), विक्टर ओकाफोरो (33), ओबिन्ना माइक अर्नेस्ट (32) और एक भारतीय अत्तर सिंह उर्फ लकी (23) के रूप में हुई है। अधिकारियों ने बताया कि ये लोग थोक और खुदरा स्तर पर ड्रग्स की सप्लाई के लिए अपने सहयोगियों का एक नेटवर्क चला रहे थे।
गुप्त सूचना पर हुई कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, क्राइम ब्रांच ने 25 सितंबर को दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय ड्रग्स तस्करों पर नजर रखने के लिए एक विशेष टीम का गठन किया था। इसी दौरान, हेड कांस्टेबल सूर्य प्रकाश को एक गुप्त सूचना मिली कि न्नामदी ओसिटा अपने साथियों के साथ दिल्ली के चंदर विहार स्थित शुक्र बाजार रोड के पास ड्रग्स की डिलीवरी करने वाला है।
इस सूचना पर टीम ने मौके पर जाल बिछाया। जैसे ही पीटर ने एक व्यक्ति को संदिग्ध पैकेट दिया, पुलिस ने उन्हें पकड़ने की कोशिश की। तीनों संदिग्ध पास की एक इमारत में भागने लगे, लेकिन उन्हें तीसरी मंजिल पर दबोच लिया गया।
बरामदगी और आगे की गिरफ्तारियां
जांचकर्ताओं ने बताया कि तलाशी के दौरान तीनों आरोपियों की पैंट की जेब से सफेद पाउडर के पैकेट मिले। इनमें 55 ग्राम एमडीएमए, 301 ग्राम एमडीएमए और 105 ग्राम कोकीन शामिल थी, जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया।
पूछताछ में न्नामदी ओसिटा और ओबिन्ना माइक अर्नेस्ट ने अपने एक और साथी अत्तर सिंह के बारे में बताया, जो निलोठी का रहने वाला है। उनकी निशानदेही पर पुलिस ने अत्तर सिंह को उसके मीरा कुंज स्थित घर से गिरफ्तार किया और उसके कब्जे से 61 ग्राम एमडीएमए बरामद किया।
इस मामले में 26 सितंबर को क्राइम ब्रांच थाने में एनडीपीएस एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। अधिकारियों ने यह भी बताया कि तीनों नाइजीरियाई नागरिक भारत में रहने के लिए कोई वैध दस्तावेज जैसे पासपोर्ट या वीजा पेश नहीं कर सके, जिसके बाद मामले में इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट की धारा भी जोड़ी गई है।
इनपुट: IANS



