इंडिगो की बड़ी उड़ान: अंतरराष्ट्रीय विस्तार के साथ भी छोटी दूरी की उड़ानों पर क्यों कायम रहेगी एयरलाइन?
भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर अपनी मौजूदगी बढ़ाने की महत्वाकांक्षी योजना पर काम कर रही है। इसके बावजूद, कंपनी अपनी बुनियाद यानी कम दूरी (शॉर्ट-हॉल) की उड़ानों पर ही अपना…
भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर अपनी मौजूदगी बढ़ाने की महत्वाकांक्षी योजना पर काम कर रही है। इसके बावजूद, कंपनी अपनी बुनियाद यानी कम दूरी (शॉर्ट-हॉल) की उड़ानों पर ही अपना मुख्य ध्यान केंद्रित रखेगी। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह जानकारी कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) विली वॉल्श ने दी है।
मंगलवार को नई दिल्ली में आयोजित 'एविएशन इंडिया एंड साउथ एशिया 2026' सम्मेलन में बोलते हुए वॉल्श ने स्पष्ट किया कि इंडिगो की भविष्य की विकास रणनीति उसकी मजबूत और लागत-कुशल घरेलू व क्षेत्रीय परिचालन क्षमता पर ही टिकी रहेगी। उन्होंने कहा, "हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि भविष्य के अवसरों की तैयारी करते हुए भी हमारी अत्यधिक दक्ष शॉर्ट-हॉल परिचालन क्षमता पर से ध्यान न हटे।"
विस्तार की योजना और नए विमान
विली वॉल्श ने बताया कि इंडिगो अपने बेड़े का लगातार विस्तार कर रही है। वर्तमान में, एयरलाइन के पास चार एयरबस A321XLR विमान हैं, और 2027 के अंत तक यह संख्या बढ़कर 14 हो जाने की उम्मीद है। इसके अलावा, कंपनी एयरबस A350-900 जैसे चौड़ी बॉडी (वाइड-बॉडी) वाले विमानों को भी शामिल करने की तैयारी में है। इन बड़े विमानों की डिलीवरी 2028 की दूसरी तिमाही से शुरू हो सकती है। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि इन नए प्रकार के विमानों के संचालन से पहले बड़े पैमाने पर तैयारी और ढांचागत विकास की आवश्यकता होगी।
लागत-दक्षता ही रहेगी प्राथमिकता
इंडिगो का मानना है कि उसकी सबसे बड़ी प्रतिस्पर्धी ताकत उसकी कम लागत वाली परिचालन संरचना है, और यही आगे भी वृद्धि का आधार बनी रहेगी। CEO के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय विस्तार के बावजूद इस लागत दक्षता को बनाए रखना कंपनी की सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। इस संदर्भ में उन्होंने एयरलाइंस और एयरपोर्ट संचालकों के बीच बेहतर तालमेल की जरूरत पर भी जोर दिया, ताकि एयरपोर्ट पर होने वाले निवेश का अत्यधिक बोझ एयरलाइंस और अंततः यात्रियों पर न पड़े।
भविष्य का बेड़ा
फिलहाल इंडिगो के बेड़े में 440 से अधिक विमान शामिल हैं। कंपनी ने 2030 तक अपने विमानों की संख्या को लगभग 600 तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। गौरतलब है कि विली वॉल्श को इसी वर्ष इंटरग्लोब एविएशन द्वारा इंडिगो का CEO नियुक्त किया गया था, जहाँ उन्होंने पीटर एल्बर्स की जगह ली।
इनपुट: IANS



