भारतीय जॉब मार्केट में बहार: मैन्युफैक्चरिंग और AI स्किल्स की भारी मांग से नौकरियों में 14% का उछाल
भारत के व्हाइट-कॉलर जॉब मार्केट ने इस साल अक्टूबर में शानदार प्रदर्शन किया है, जिसमें नौकरियों की भर्ती में सालाना 14% की मजबूत वृद्धि दर्ज की गई है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस…
भारत के व्हाइट-कॉलर जॉब मार्केट ने इस साल अक्टूबर में शानदार प्रदर्शन किया है, जिसमें नौकरियों की भर्ती में सालाना 14% की मजबूत वृद्धि दर्ज की गई है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस उछाल के पीछे मुख्य रूप से मैन्युफैक्चरिंग, उत्पादन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी स्किल्स की बढ़ती मांग है। रोजगार वेबसाइट नौकरी डॉटकॉम के 'जॉबस्पीक इंडेक्स' ने यह जानकारी दी है, जो अक्टूबर 2026 में 2,836 पर पहुंच गया, जबकि पिछले साल इसी महीने यह आंकड़ा 2,480 था।
रिपोर्ट में बताया गया है कि पिछले साल अक्टूबर में दिवाली का त्योहार होने के कारण भर्ती की रफ्तार कुछ धीमी थी, जिसका इस साल के आंकड़ों पर अनुकूल असर (बेस इफेक्ट) पड़ा है।
किन सेक्टरों में रही सबसे ज़्यादा रौनक?
उद्योगों के हिसाब से देखें तो ऑटोमोबाइल सेक्टर 36% की वृद्धि के साथ सबसे आगे रहा। इसके बाद बीपीओ/आईटीईएस में 17% और बैंकिंग व वित्तीय सेवाओं में 16% की बढ़ोतरी देखी गई। इंफो एज (इंडिया) के एमडी और सीईओ हितेश ओबेरॉय ने कहा, "मैन्युफैक्चरिंग कंपनियां अपनी क्षमता बढ़ा रही हैं और एआई स्किल्स की मांग लगातार मजबूत बनी हुई है, जो बताता है कि मौजूदा भर्ती रुझान मजबूत कारोबारी बुनियाद और वास्तविक मांग पर आधारित हैं।"
प्रोडक्शन और मैन्युफैक्चरिंग की धूम
लगभग सभी प्रमुख उद्योगों में उत्पादन और मैन्युफैक्चरिंग से जुड़ी भूमिकाओं की मांग सबसे ज़्यादा रही। सभी उद्योगों को मिलाकर इस श्रेणी की नौकरियों में 39% की ज़बरदस्त वृद्धि हुई। अलग-अलग सेक्टरों में इसका प्रभाव कुछ इस तरह दिखा:
- ऑटोमोबाइल: इस सेक्टर में प्रोडक्शन और मैन्युफैक्चरिंग भूमिकाओं के लिए भर्ती 41% बढ़ी। वहीं, आरएंडडी (53%) और सप्लाई चेन (50%) में भी भारी मांग रही, जबकि सेल्स में सिर्फ 7% की बढ़ोतरी हुई।
- औद्योगिक उत्पाद/भारी मशीनरी: यहां भी उत्पादन संबंधी नौकरियों में 40% और क्वालिटी एश्योरेंस में 41% का उछाल आया।
- एफएमसीजी: इस क्षेत्र में कुल भर्ती वृद्धि भले ही 6% रही हो, लेकिन उत्पादन से जुड़े पदों पर 40% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इसके उलट, सेल्स से जुड़े पदों पर 5% की गिरावट आई।
- निर्माण और इंजीनियरिंग: इस सेक्टर में उत्पादन भूमिकाएं 33% बढ़ीं, जबकि प्रोजेक्ट मैनेजमेंट (25%) और साइट इंजीनियरिंग (20%) में भी अच्छी मांग रही।
अनुभवी पेशेवरों की मांग सबसे ज़्यादा
रिपोर्ट के मुताबिक, अनुभव के स्तर पर देखें तो वरिष्ठ पेशेवरों की मांग में सबसे ज़्यादा तेज़ी आई। 13 से 16 साल और 16 साल से अधिक अनुभव वाले पेशेवरों की भर्ती में 22-22% की समान वृद्धि दर्ज की गई। इसके अलावा, फ्रेशर्स की भर्ती 15% बढ़ी, जबकि 8-12 साल के अनुभव वाले पेशेवरों के लिए यह आंकड़ा 14% और 4-7 साल के अनुभव वालों के लिए 11% रहा।
इनपुट: IANS



