मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली
इकोनॉमी

बुनियादी ढाँचे पर ज़ोर और मज़बूत घरेलू माँग से भारत के स्टील उत्पादन में उछाल, निर्यात भी बढ़ा

चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही (अप्रैल-सितंबर) में भारत के स्टील सेक्टर ने दमदार प्रदर्शन किया है। समाचार एजेंसी IANS द्वारा जारी इस्पात मंत्रालय के आँकड़ों के अनुसार, इस दौरान देश का फिनिश्ड…

बुनियादी ढाँचे पर ज़ोर और मज़बूत घरेलू माँग से भारत के स्टील उत्पादन में उछाल, निर्यात भी बढ़ा
(फोटो: IANS)

चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही (अप्रैल-सितंबर) में भारत के स्टील सेक्टर ने दमदार प्रदर्शन किया है। समाचार एजेंसी IANS द्वारा जारी इस्पात मंत्रालय के आँकड़ों के अनुसार, इस दौरान देश का फिनिश्ड स्टील उत्पादन 3.7 प्रतिशत बढ़कर 81.8 मिलियन टन पर पहुँच गया। पिछले साल इसी अवधि में यह आँकड़ा 78.8 मिलियन टन था। विशेषज्ञों का मानना है कि इस मज़बूती के पीछे सरकारी इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं और घरेलू बाज़ार में बढ़ी माँग का बड़ा हाथ है।

विज्ञापन

देश में स्टील की खपत में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। अप्रैल से सितंबर के बीच स्टील की कुल खपत 7.9 प्रतिशत बढ़कर 84.9 मिलियन टन हो गई, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह 79 मिलियन टन थी। सड़क, रेलवे और बंदरगाह जैसे बड़े सरकारी प्रोजेक्ट्स इस माँग को बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।

निर्यात और उत्पादन के आँकड़े

वैश्विक बाज़ार में भी भारतीय स्टील की चमक बढ़ी है। आँकड़ों के मुताबिक, चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में स्टील का निर्यात मात्रा के हिसाब से 26.2 प्रतिशत बढ़कर 35.5 लाख टन तक पहुँच गया। वहीं, मूल्य के लिहाज़ से देखें तो इस निर्यात से हुई कमाई 28.9 प्रतिशत बढ़कर 28,263.7 करोड़ रुपए हो गई, जो भारतीय स्टील की बढ़ती वैश्विक प्रतिस्पर्धा को दर्शाता है।

फिनिश्ड स्टील के साथ-साथ क्रूड स्टील का उत्पादन भी 2.9 प्रतिशत बढ़ा है। पहली छमाही में इसका उत्पादन 85.1 मिलियन टन रहा, जबकि पिछले साल यह 82.7 मिलियन टन था। सरकारी आँकड़ों के अनुसार, भारत की कुल क्रूड स्टील उत्पादन क्षमता अब 222.9 मिलियन टन सालाना हो चुकी है, जो 2030 तक 300 मिलियन टन के लक्ष्य की ओर एक मज़बूत कदम है।

NMDC का प्रदर्शन और नई परियोजना

सरकारी खनन कंपनी एनएमडीसी ने भी उत्पादन में प्रभावशाली वृद्धि दिखाई है। कंपनी का लौह अयस्क उत्पादन सितंबर 2026 में 8 प्रतिशत बढ़कर 4.04 मिलियन टन रहा। वहीं, पूरे छमाही में उत्पादन लगभग 23 प्रतिशत की बढ़त के साथ 27.3 मिलियन टन पहुँच गया।

इसके अलावा, एनएमडीसी ने छत्तीसगढ़ के नागरनार में अपने 20 लाख टन वार्षिक क्षमता वाले पेलेट प्लांट का संचालन भी शुरू कर दिया है। यह 5,427 करोड़ रुपए की एक बड़ी एकीकृत परियोजना का हिस्सा है, जिससे बैलाडीला क्षेत्र के लौह अयस्क का बेहतर इस्तेमाल हो सकेगा और परिवहन पर निर्भरता घटेगी।

उद्योग में सुरक्षा पर सरकार का ज़ोर

स्टील उद्योग में सुरक्षा मानकों को और बेहतर बनाने के लिए सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इस्पात मंत्रालय के सचिव की अध्यक्षता में एक 'स्टील इंडस्ट्री सेफ्टी काउंसिल' (SISC) का गठन किया जाएगा। यह शीर्ष निकाय दुर्घटनाओं की रोकथाम और सुरक्षा संस्कृति को बढ़ावा देने का काम करेगा। इसकी मदद के लिए एक 'स्टील इंडस्ट्री सेफ्टी डायरेक्टरेट' (SISD) भी बनाया जाएगा, जो सेफ्टी ऑडिट और जाँच जैसे कार्यों को देखेगा।

इनपुट: IANS

N

News4Social बिज़नेस डेस्क

News4Social बिज़नेस डेस्क — IANS समेत लाइसेंस-प्राप्त समाचार एजेंसियों की फीड से कारोबार और अर्थव्यवस्था से जुड़ी ताज़ा व प्रामाणिक खबरें संपादकीय समीक्षा के बाद प्रकाशित करता है। हर खबर उसके स्रोत के श्रेय (credit) के साथ दी जाती है। सभी लेख देखें →

आगे पढ़ें

और देखें →