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स्मार्टफोन बाज़ार में बड़ी गिरावट: महंगे चिप्स के कारण एक दशक के सबसे निचले स्तर पर बिक्री

भारत के स्मार्टफोन बाज़ार में इस साल की तीसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) में एक दशक की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। मेमोरी चिप्स की कीमतों में रिकॉर्ड बढ़ोतरी के चलते स्मार्टफोन बनाने की लागत बढ़ गई है…

स्मार्टफोन बाज़ार में बड़ी गिरावट: महंगे चिप्स के कारण एक दशक के सबसे निचले स्तर पर बिक्री
(फोटो: IANS)

भारत के स्मार्टफोन बाज़ार में इस साल की तीसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) में एक दशक की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। मेमोरी चिप्स की कीमतों में रिकॉर्ड बढ़ोतरी के चलते स्मार्टफोन बनाने की लागत बढ़ गई है, जिसका सीधा असर बिक्री पर पड़ा है। समाचार एजेंसी IANS के हवाले से जारी काउंटरपॉइंट रिसर्च की एक नई रिपोर्ट के अनुसार, सितंबर 2026 में समाप्त हुई तिमाही के दौरान स्मार्टफोन शिपमेंट में सालाना 20 प्रतिशत की कमी आई।

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रिपोर्ट में बताया गया है कि बाज़ार में मांग लगातार कमज़ोर बनी हुई है। इसी वजह से कंपनियों ने त्योहारी मौसम से पहले भी अपने डिस्ट्रीब्यूशन चैनलों में अतिरिक्त स्टॉक भेजने से परहेज़ किया। कीमतों में इस बढ़ोतरी का सबसे ज़्यादा असर सस्ते और मध्यम श्रेणी के फोन पर पड़ा है।

बजट फोन पर सबसे गहरी मार

आंकड़ों के मुताबिक, 20,000 रुपए से कम कीमत वाले स्मार्टफोन की शिपमेंट में 47 प्रतिशत की भारी गिरावट देखी गई। कई लोकप्रिय मॉडलों की कीमतें बढ़ने से वे ऊंचे प्राइस-सेगमेंट में चले गए, जिससे आम ग्राहकों की खरीदारी क्षमता प्रभावित हुई। काउंटरपॉइंट के रिसर्च एनालिस्ट शुभम सिंह ने कहा, "कंपोनेंट्स की बढ़ती लागत ने स्मार्टफोन कीमतों को ऊपर धकेला है, जिसका सीधा असर विशेष रूप से 15,000 रुपए से कम कीमत वाले मास मार्केट सेगमेंट पर पड़ा है, जो लंबे समय से भारतीय स्मार्टफोन बाजार की वृद्धि का मुख्य आधार रहा है।"

भविष्य का अनुमान और चुनौतियां

काउंटरपॉइंट के रिसर्च डायरेक्टर तरुण पाठक का अनुमान है कि पूरे साल 2026 में भारतीय स्मार्टफोन बाजार में लगभग 13 प्रतिशत की गिरावट आ सकती है। उन्होंने कहा कि बढ़ती कीमतों के कारण लोग न केवल नए फोन खरीदने से बच रहे हैं, बल्कि अपने पुराने फोन को बदलने की अवधि भी बढ़ा रहे हैं। पाठक ने चेतावनी दी, "त्योहारी सीजन खत्म होने के बाद आने वाली सामान्य सुस्ती बाजार पर अतिरिक्त दबाव डाल सकती है। वहीं, कंपोनेंट्स की ऊंची लागत के चलते कंपनियां बिक्री सीजन के बाद एक बार फिर कीमतें बढ़ा सकती हैं।"

रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि लागत को काबू में रखने के लिए कंपनियां अब अपने पोर्टफोलियो में ज़्यादा 4G स्मार्टफोन शामिल कर रही हैं या फिर कुछ मॉडलों के स्पेसिफिकेशन कम करके कीमतें स्थिर रखने की कोशिश कर रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि 2027 में भी चुनौतियां बनी रहेंगी और भविष्य में बाज़ार की वृद्धि मुख्य रूप से प्रीमियम सेगमेंट पर निर्भर करेगी।

इनपुट: IANS

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