मांग में तेज़ी से भारत के सर्विस सेक्टर में उछाल, सितंबर में गतिविधियां 3 महीने के शिखर पर
घरेलू बाज़ार में मज़बूत मांग और नए ऑर्डर में बढ़ोतरी के दम पर भारत के सर्विस सेक्टर ने सितंबर में शानदार प्रदर्शन किया है। गतिविधियों में आई इस तेज़ी ने इसे पिछले तीन महीनों के उच्चतम स्तर पर पहुंचा…
घरेलू बाज़ार में मज़बूत मांग और नए ऑर्डर में बढ़ोतरी के दम पर भारत के सर्विस सेक्टर ने सितंबर में शानदार प्रदर्शन किया है। गतिविधियों में आई इस तेज़ी ने इसे पिछले तीन महीनों के उच्चतम स्तर पर पहुंचा दिया है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, HSBC इंडिया परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (PMI) सितंबर में बढ़कर 55.2 पर पहुंच गया, जबकि अगस्त में यह 54.1 था। यह जून के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है।
पीएमआई इंडेक्स 50 से ऊपर रहना सेक्टर में विस्तार यानी ग्रोथ का संकेत देता है, जबकि 50 से नीचे का आंकड़ा संकुचन यानी गिरावट को दर्शाता है। सितंबर का 55.2 का आंकड़ा सर्विस सेक्टर की सेहत में मज़बूत सुधार की ओर इशारा करता है।
किन क्षेत्रों में रही सबसे ज़्यादा मांग?
एसएंडपी ग्लोबल द्वारा संकलित आंकड़ों के मुताबिक, कंपनियों ने कई क्षेत्रों में मांग में तेज़ी दर्ज की। इनमें डिजिटल समाधान, खान-पान, बीमा, लोन, सॉफ्टवेयर, परिवहन और टूर-एंड-ट्रैवल प्रमुख रहे। HSBC इंडिया ने बताया कि बिक्री में सबसे ज़्यादा बढ़ोतरी फाइनेंस, इंश्योरेंस और कंज्यूमर सर्विस सेक्टर में देखी गई। नए बिजनेस में हुई यह बढ़ोतरी पिछले तीन महीनों में सबसे तेज़ थी।
रोज़गार और लागत पर असर
बढ़ते ऑर्डर और भविष्य के प्रोजेक्ट्स को देखते हुए सर्विस कंपनियों ने नई भर्तियां भी कीं। हालांकि, रोज़गार सृजन की दर अगस्त के मुकाबले थोड़ी धीमी रही, लेकिन इसमें ठीक-ठाक बढ़ोतरी दर्ज की गई। कंपनियों के लिए एक राहत की बात यह भी रही कि इनपुट लागत का दबाव कम हुआ। इनपुट कीमतों में महंगाई नवंबर 2025 के बाद से अपने सबसे निचले स्तर पर आ गई, जिससे सर्विस देने वाली कंपनियों पर अपनी कीमतें बढ़ाने का दबाव कम हो गया।
विदेशी मांग और तिमाही प्रदर्शन
HSBC की भारत में मुख्य अर्थशास्त्री प्रांजुल भंडारी ने कहा, "पीएमआई सर्वेक्षण से पता चलता है कि घरेलू मांग बढ़ने की वजह से भारत का सर्विस सेक्टर लगातार बेहतर हो रहा है।" उन्होंने यह भी बताया कि निर्यात का कारोबार बढ़ता रहा, हालांकि इसकी रफ्तार कुछ धीमी हुई। कंपनियों को जर्मनी, संयुक्त अरब अमीरात, ब्रिटेन और अमेरिका जैसे देशों से बेहतर कारोबार मिला।
हालांकि, तिमाही आधार पर देखें तो जुलाई-सितंबर तिमाही में सर्विसेज पीएमआई का औसत पिछली तिमाही के मुकाबले कम रहा। यह मार्च 2022 को समाप्त तिमाही के बाद से सबसे कमज़ोर तिमाही प्रदर्शन था। मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस दोनों क्षेत्रों को मिलाकर बनने वाला HSBC इंडिया कंपोजिट पीएमआई आउटपुट इंडेक्स भी अगस्त के 54.3 से बढ़कर सितंबर में 55.9 हो गया।
इनपुट: IANS



