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IEA रिपोर्ट: भारत में रिन्यूएबल एनर्जी का बढ़ता दबदबा, 2030 तक 530 गीगावाट क्षमता का अनुमान

अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) की एक नई रिपोर्ट ने भारत की स्वच्छ ऊर्जा यात्रा में एक अहम उपलब्धि को उजागर किया है। भारत ने निर्धारित समय से पांच साल पहले ही, 2025 में अपनी कुल स्थापित बिजली क्षमता…

IEA रिपोर्ट: भारत में रिन्यूएबल एनर्जी का बढ़ता दबदबा, 2030 तक 530 गीगावाट क्षमता का अनुमान
(फोटो: IANS)

अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) की एक नई रिपोर्ट ने भारत की स्वच्छ ऊर्जा यात्रा में एक अहम उपलब्धि को उजागर किया है। भारत ने निर्धारित समय से पांच साल पहले ही, 2025 में अपनी कुल स्थापित बिजली क्षमता का 50% गैर-जीवाश्म ईंधन स्रोतों से हासिल करने का लक्ष्य पूरा कर लिया है। यह देश में नवीकरणीय ऊर्जा की ओर हो रहे तेज बदलाव का स्पष्ट संकेत है।

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समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह जानकारी 'इंडिया रिन्यूएबल एनर्जी मार्केट रिपोर्ट 2026' में सामने आई, जिसे नई दिल्ली में आयोजित भारत रिन्यूएबल एनर्जी समिट में जारी किया गया। रिपोर्ट बताती है कि भारत अब दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ता दूसरा नवीकरणीय ऊर्जा बाजार बन चुका है। साथ ही, देश सौर फोटोवोल्टिक (पीवी) मॉड्यूल का दूसरा सबसे बड़ा निर्माता भी है।

आर्थिक बचत और ऊर्जा सुरक्षा

नवीकरणीय ऊर्जा के विस्तार ने भारत की अर्थव्यवस्था और ऊर्जा सुरक्षा को बड़े पैमाने पर फायदा पहुंचाया है। IEA के विश्लेषण के मुताबिक, अगर सौर, पवन और जैव ऊर्जा क्षमता नहीं होती, तो सिर्फ 2025 में ही भारत को लगभग 11 करोड़ टन अतिरिक्त कोयले का आयात करना पड़ता। आंकड़ों पर नजर डालें तो 2011 से 2025 के बीच रिन्यूएबल एनर्जी से बिजली उत्पादन की वजह से भारत ने कोयले और प्राकृतिक गैस के आयात पर 100 अरब डॉलर से अधिक की बचत की है। एजेंसी का अनुमान है कि इस दशक के अंत तक यह कुल बचत दोगुनी से भी ज्यादा हो जाएगी।

भविष्य का रोडमैप और लक्ष्य

रिपोर्ट में भविष्य को लेकर भी महत्वपूर्ण अनुमान लगाए गए हैं। IEA का मानना है कि 2030 तक भारत की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता लगभग 530 गीगावाट तक पहुंच जाएगी। इस वृद्धि में सौर ऊर्जा की भूमिका सबसे अहम होगी, क्योंकि कुल नई स्थापित होने वाली क्षमताओं में 80% से अधिक हिस्सेदारी सौर पीवी ऊर्जा की रहने की उम्मीद है। पिछले एक दशक में भारत की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता पहले ही लगभग चार गुना बढ़ चुकी है और 2026 तक इसके 300 गीगावाट के आंकड़े को पार करने का अनुमान है।

IEA के कार्यकारी निदेशक फातिह बिरोल ने कहा, "वैश्विक ऊर्जा बाजारों में बढ़ती अनिश्चितता के बीच भारत में नवीकरणीय ऊर्जा का विस्तार ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से बड़े लाभ दे रहा है।" वहीं, केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने इस प्रगति को रेखांकित करते हुए कहा कि एक प्रमुख नवीकरणीय ऊर्जा शक्ति के रूप में भारत का उभरना हाल के वर्षों में हुई प्रगति को दर्शाता है।

इनपुट: IANS

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