भारतीय रियल एस्टेट बाज़ार: त्योहारी सीजन से पहले घरों की बिक्री में मामूली बढ़त, नए प्रोजेक्ट्स में बड़ा उछाल
भारत के सात प्रमुख शहरों में रियल एस्टेट बाज़ार ने 2026 की तीसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) में मज़बूती दिखाई है। इस दौरान घरों की बिक्री में सालाना आधार पर 3% की मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई, लेकिन नए घरों के…
भारत के सात प्रमुख शहरों में रियल एस्टेट बाज़ार ने 2026 की तीसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) में मज़बूती दिखाई है। इस दौरान घरों की बिक्री में सालाना आधार पर 3% की मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई, लेकिन नए घरों के लॉन्च में 18% का बड़ा उछाल देखने को मिला। एनारॉक ग्रुप की एक नई रिपोर्ट में सामने आए ये आंकड़े बताते हैं कि वैश्विक आर्थिक दबावों और भू-राजनीतिक अनिश्चितता के बावजूद भारतीय खरीदारों का भरोसा बना हुआ है।
समाचार एजेंसी IANS के हवाले से मिली इस रिपोर्ट के अनुसार, इन सात शहरों में जुलाई से सितंबर 2026 के बीच कुल 1,00,220 घर बिके। वहीं, बिक्री का कुल मूल्य लगभग 2% बढ़कर 1.55 लाख करोड़ रुपए पर पहुँच गया। एनारॉक ग्रुप के चेयरमैन अनुज पुरी ने कहा कि बिक्री की यह रफ्तार लागत बढ़ने और अलग-अलग शहरों में मांग की असमानता के कारण सीमित रही।
किन शहरों में रही सबसे ज़्यादा हलचल?
बिक्री के मामले में मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (MMR) और बेंगलुरु सबसे आगे रहे। इन दोनों शहरों में मिलाकर कुल बिक्री का 48% हिस्सा रहा, जिसमें MMR में लगभग 31,750 और बेंगलुरु में करीब 16,670 घर बिके।
हालांकि, बिक्री में सालाना बढ़ोतरी के मामले में हैदराबाद ने बाज़ी मारी, जहाँ 15% की सबसे तेज़ वृद्धि देखी गई। इसके बाद बेंगलुरु में 12% और MMR में 5% की बढ़ोतरी हुई। रिपोर्ट के मुताबिक, अन्य प्रमुख शहरों में बिक्री में सालाना आधार पर गिरावट दर्ज की गई।
नए लॉन्च में हैदराबाद और मुंबई का दबदबा
इस तिमाही में बिल्डरों ने बाज़ार में कुल 1,14,320 नए घर उतारे, जो पिछले साल की इसी अवधि से 18% ज़्यादा है। इसमें सबसे बड़ा योगदान MMR (लगभग 37,500 यूनिट) और हैदराबाद (लगभग 18,950 यूनिट) का रहा। जहाँ तक सालाना बढ़ोतरी की बात है, हैदराबाद में नए लॉन्च 120% बढ़े, जबकि MMR में 27% और बेंगलुरु में 17% की वृद्धि हुई।
कीमतें और भविष्य का अनुमान
इस दौरान घरों की औसत कीमतों में सालाना 7% की बढ़ोतरी हुई। सबसे ज़्यादा 12% की मूल्य वृद्धि NCR में और 8% की बेंगलुरु में दर्ज की गई। अनुज पुरी ने भविष्य को लेकर कहा, "हालांकि बढ़ी हुई कीमतें और अफोर्डेबिलिटी की चिंता से खरीदार सोच-समझकर फैसला लेंगे, लेकिन त्योहारों का माहौल, स्थिर लोन दरें और नए लॉन्च की अच्छी पाइपलाइन से बिक्री को बढ़ावा मिलना चाहिए।"
रिपोर्ट यह भी बताती है कि 2026 की तीसरी तिमाही के अंत तक, इन सात शहरों में बिकने के लिए उपलब्ध घरों (इन्वेंट्री) की संख्या पिछले साल से 12% बढ़कर 6,30,590 यूनिट से ज़्यादा हो गई है।
इनपुट: IANS



