वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत का इंजीनियरिंग निर्यात चमका, अगस्त में दर्ज की करीब 25% की शानदार बढ़त
वैश्विक व्यापार में जारी तनाव और लॉजिस्टिक्स की चुनौतियों के बावजूद भारत के इंजीनियरिंग सामानों के निर्यात ने शानदार प्रदर्शन किया है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, चालू वित्त वर्ष में…
वैश्विक व्यापार में जारी तनाव और लॉजिस्टिक्स की चुनौतियों के बावजूद भारत के इंजीनियरिंग सामानों के निर्यात ने शानदार प्रदर्शन किया है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, चालू वित्त वर्ष में लगातार पांचवें महीने मजबूत वृद्धि दर्ज करते हुए अगस्त में इंजीनियरिंग निर्यात 12.32 अरब डॉलर तक पहुंच गया। यह पिछले साल अगस्त के मुकाबले 24.86 प्रतिशत की प्रभावशाली बढ़ोतरी है।
इंजीनियरिंग एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (ईईपीसी) इंडिया ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। आंकड़ों से पता चलता है कि यह वृद्धि केवल कुछ बाजारों तक सीमित नहीं है, बल्कि व्यापक है। इंजीनियरिंग क्षेत्र के कुल 34 उत्पाद समूहों में से 31 ने सालाना आधार पर सकारात्मक वृद्धि दर्ज की है।
प्रमुख बाजारों में बढ़ी भारतीय उत्पादों की मांग
भारत के इंजीनियरिंग उत्पादों की मांग दुनिया के ज्यादातर बड़े बाजारों में मजबूत बनी हुई है। अमेरिका, जो कि एक प्रमुख बाजार है, को होने वाला निर्यात अगस्त में 31% बढ़कर 2.20 अरब डॉलर हो गया। वहीं, चीन को निर्यात में लगभग 75% की जबरदस्त उछाल देखी गई और यह 242.50 मिलियन डॉलर से बढ़कर 424.65 मिलियन डॉलर पर पहुंच गया।
अन्य प्रमुख बाजारों में भी यही रुख देखने को मिला। ब्रिटेन को इंजीनियरिंग निर्यात 28.6% बढ़ा, जबकि दक्षिण कोरिया को निर्यात दोगुने से भी ज्यादा होकर 466 मिलियन डॉलर का हो गया। इंडोनेशिया को निर्यात 182% की असाधारण वृद्धि के साथ 292.30 मिलियन डॉलर पर पहुंच गया। हालांकि, पश्चिम एशिया संकट से जुड़ी लॉजिस्टिक्स चुनौतियों के कारण केवल संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और सऊदी अरब को निर्यात प्रभावित हुआ।
मुक्त व्यापार समझौते का असर
कुछ देशों के साथ हुए मुक्त व्यापार समझौतों (FTA) का भी निर्यात पर सकारात्मक असर दिख रहा है। इसका एक बड़ा उदाहरण ओमान है, जिसे होने वाला इंजीनियरिंग निर्यात लगभग चार गुना बढ़कर 198 मिलियन डॉलर हो गया। उद्योग संगठन के मुताबिक, जून 2026 में लागू हुए भारत-ओमान एफटीए ने इस वृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
'ब्रांड इंडिया' पर बढ़ता भरोसा
ईईपीसी इंडिया के अध्यक्ष पंकज चड्ढा ने कहा, "प्रमुख व्यापार मार्गों में व्यवधान और भू-राजनीतिक तनावों के बावजूद हाल के महीनों में इंजीनियरिंग निर्यात का प्रदर्शन यह दिखाता है कि वैश्विक बाजारों में 'ब्रांड इंडिया' पर भरोसा लगातार बढ़ रहा है।" उन्होंने इसे वैश्विक मांग के भारतीय निर्यातकों के लिए अधिक अनुकूल होने का संकेत बताया। चड्ढा ने सलाह दी कि भारत को अपने प्रमुख बाजारों में उपस्थिति मजबूत करनी चाहिए, नए निर्यात स्थलों की खोज करनी चाहिए और सप्लाई चेन को अधिक लचीला बनाने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
चालू वित्त वर्ष के पहले पांच महीनों (अप्रैल-अगस्त 2026-27) में भारत का कुल इंजीनियरिंग निर्यात 58.70 अरब डॉलर रहा, जो पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि के 49.10 अरब डॉलर के मुकाबले 19.55 प्रतिशत अधिक है।
इनपुट: IANS



