बुनियादी उद्योगों में तेज़ उछाल: सितंबर में 30 महीने की सबसे ऊँची 7.9% विकास दर दर्ज
भारत के बुनियादी ढाँचा क्षेत्र ने सितंबर महीने में शानदार प्रदर्शन करते हुए पिछले 30 महीनों की सबसे तेज़ विकास दर हासिल की है। लौह अयस्क, बिजली, कोयला और सीमेंट जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में दोहरे…
भारत के बुनियादी ढाँचा क्षेत्र ने सितंबर महीने में शानदार प्रदर्शन करते हुए पिछले 30 महीनों की सबसे तेज़ विकास दर हासिल की है। लौह अयस्क, बिजली, कोयला और सीमेंट जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में दोहरे अंकों की वृद्धि के चलते आठ प्रमुख उद्योगों का संयुक्त उत्पादन 7.9 प्रतिशत बढ़ गया। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह आँकड़ा देश की औद्योगिक गतिविधियों में आई मज़बूती का साफ़ संकेत है।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा बुधवार को जारी किए गए आँकड़ों से यह जानकारी सामने आई है। पिछले साल इसी महीने के मुकाबले यह उछाल काफी अहम है, जो अर्थव्यवस्था के प्रमुख स्तंभों में सुधार को दर्शाता है। यह वृद्धि दर अप्रैल-सितंबर 2026 की छमाही के लिए भी बेहतर तस्वीर पेश करती है, जहाँ संचयी वृद्धि 5.1% रही, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह मात्र 2.5% थी।
किन क्षेत्रों ने दी रफ़्तार?
इस प्रभावशाली वृद्धि के पीछे कई क्षेत्रों का मज़बूत प्रदर्शन रहा। लौह अयस्क के उत्पादन में सबसे ज़्यादा 18.4% की ज़ोरदार बढ़ोतरी दर्ज की गई। वहीं, बिजली और कोयला उत्पादन में क्रमशः 11.4% और 10.7% की वृद्धि हुई। रिफाइनरी उत्पादों का उत्पादन भी 10.7% बढ़ा, जिसका मुख्य कारण आर्थिक गतिविधियों में तेज़ी आने से पेट्रोलियम उत्पादों की बढ़ती माँग है।
बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं में सरकारी निवेश का असर सीमेंट और इस्पात क्षेत्र पर भी दिखा। सीमेंट उत्पादन 10.3% बढ़ा, जबकि इस्पात क्षेत्र ने 4.9% की वृद्धि दर्ज की।
कुछ क्षेत्रों में गिरावट भी
हालाँकि, सितंबर में सभी क्षेत्रों का प्रदर्शन एक जैसा नहीं रहा। इस दौरान उर्वरक, प्राकृतिक गैस और कच्चे तेल के उत्पादन में नकारात्मक वृद्धि दर्ज की गई। इसके अलावा, अगस्त 2026 के आँकड़ों को भी संशोधित किया गया है, जिसके तहत अंतिम सूचकांक को 119.2 से बढ़ाकर 120.4 कर दिया गया है। इससे उस महीने की वार्षिक वृद्धि दर भी 4.8% से बढ़कर 5.9% हो गई है।
यह भी जानें: उद्योग संवर्धन एवं आंतरिक व्यापार विभाग (DPIIT) ने इस साल जुलाई में आधार वर्ष 2022-23 के साथ प्रमुख उद्योगों के सूचकांक (ICI) की एक नई संशोधित श्रृंखला जारी की थी। इसी के तहत लौह अयस्क को एक नए मद के रूप में शामिल किया गया, जिससे प्रमुख उद्योगों की संख्या आठ से नौ हो गई है।
इनपुट: IANS



