रविवार, 11 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली
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भारत के अमीर परिवार बदल रहे निवेश का तरीका, स्टार्टअप्स पर लगा रहे बड़ा दांव

भारत के सबसे अमीर परिवारों के निवेश करने का पारंपरिक तरीका अब बदल रहा है। समाचार एजेंसी IANS की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, इन परिवारों की नई पीढ़ी अब विरासत में मिली संपत्ति को स्टार्टअप्स, तकनीक…

भारत के अमीर परिवार बदल रहे निवेश का तरीका, स्टार्टअप्स पर लगा रहे बड़ा दांव
(फोटो: IANS)

भारत के सबसे अमीर परिवारों के निवेश करने का पारंपरिक तरीका अब बदल रहा है। समाचार एजेंसी IANS की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, इन परिवारों की नई पीढ़ी अब विरासत में मिली संपत्ति को स्टार्टअप्स, तकनीक और सामाजिक प्रभाव वाले निवेशों में लगा रही है। इस बदलाव के चलते देश के स्टार्टअप इकोसिस्टम में निवेश लगभग दोगुना हो गया है।

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रिपोर्ट बताती है कि भारत में 300 से ज़्यादा 'फैमिली ऑफिस' हैं, जो इन अमीर परिवारों की 30 अरब डॉलर से अधिक की संपत्ति का प्रबंधन करते हैं। दिलचस्प बात यह है कि आधे से ज़्यादा फैमिली ऑफिस में अब युवा पीढ़ी (मिलेनियल्स और जेन-जेड) के सदस्य निवेश से जुड़े फैसले ले रहे हैं। यही वजह है कि पारंपरिक विकल्पों की जगह अब हेल्थटेक, फिनटेक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसे नए ज़माने के क्षेत्रों में पैसा लगाया जा रहा है।

क्यों स्टार्टअप्स बन रहे हैं पहली पसंद?

आंकड़ों के मुताबिक, फैमिली ऑफिस द्वारा स्टार्टअप्स में किया गया निवेश 2023 के 876.7 मिलियन डॉलर से बढ़कर 2024 में 1.62 अरब डॉलर पर पहुँच गया। इसका एक बड़ा कारण यह है कि फैमिली ऑफिस 'पेशेंट कैपिटल' यानी लंबी अवधि का धैर्यपूर्ण निवेश करते हैं। वे वेंचर कैपिटल फंड की तरह जल्दी मुनाफे के दबाव में नहीं होते, जिससे स्टार्टअप्स कोเติบโต करने और खुद को साबित करने के लिए ज़्यादा समय मिलता है। रिपोर्ट के अनुसार, लगभग 30% फैमिली ऑफिस अब पारंपरिक निवेशों की तुलना में स्टार्टअप्स को प्राथमिकता दे रहे हैं।

बढ़ती संपत्ति और भविष्य का रुझान

उद्योग जगत के अनुमानों के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है कि 3 करोड़ डॉलर से अधिक संपत्ति वाले भारतीय परिवारों की संख्या 2025 तक करीब 16,000 से बढ़कर 2030 तक 26,000 हो जाएगी। आने वाले दशक में पीढ़ीगत संपत्ति का हस्तांतरण भी 1.3 से 1.5 ट्रिलियन डॉलर तक पहुँचने की उम्मीद है।

इस चलन के कुछ बड़े उदाहरण भी सामने आए हैं। सत्त्वा ग्रुप के फैमिली ऑफिस ने अपने पारंपरिक कारोबार से हटकर तकनीक में निवेश किया है, वहीं अर्था इंडिया वेंचर्स ने ओयो (OYO) जैसे शुरुआती चरण के स्टार्टअप्स में निवेश कर अपनी पहचान बनाई है। इसके अलावा, 2021 से 2024 के बीच 900 से अधिक अमीर परिवारों ने 'इम्पैक्ट इन्वेस्टिंग' यानी समाज पर सकारात्मक असर डालने वाले क्षेत्रों में भी पैसा लगाया है।

इनपुट: IANS

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News4Social बिज़नेस डेस्क

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