मंगलवार, 29 सितम्बर 2026 · नई दिल्ली
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कच्चे तेल में उछाल और विदेशी बिकवाली का दबाव, शेयर बाजार गिरावट के साथ खुला

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी और कमजोर वैश्विक संकेतों के चलते भारतीय शेयर बाजार ने मंगलवार को गिरावट के साथ कारोबार की शुरुआत की। शुरुआती कारोबार में बेंचमार्क इंडेक्स…

कच्चे तेल में उछाल और विदेशी बिकवाली का दबाव, शेयर बाजार गिरावट के साथ खुला
(फोटो: IANS)

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी और कमजोर वैश्विक संकेतों के चलते भारतीय शेयर बाजार ने मंगलवार को गिरावट के साथ कारोबार की शुरुआत की। शुरुआती कारोबार में बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में लगभग 0.2% की कमजोरी देखी गई। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, सेंसेक्स 138.04 अंक गिरकर 72,633.68 पर और निफ्टी 47.80 अंक फिसलकर 22,732.45 पर खुला।

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बाजार पर यह दबाव मुख्य रूप से विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली और वैश्विक स्तर पर बढ़ती चिंताओं के कारण है। एक्सचेंज के आंकड़ों से पता चलता है कि FII लगातार तीसरे दिन शुद्ध विक्रेता रहे और उन्होंने सोमवार को 5,353 करोड़ रुपये से अधिक के शेयर बेचे। हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने 5,189 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी करके बाजार को सहारा देने की कोशिश जारी रखी।

सेक्टरों का मिला-जुला प्रदर्शन

मंगलवार सुबह के कारोबार में ज्यादातर सेक्टर लाल निशान में कारोबार कर रहे थे। निफ्टी ऑटो, मीडिया, एफएमसीजी और सीमेंट जैसे सेक्टरों में 0.64% तक की गिरावट दर्ज की गई। वहीं, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, मेटल और केमिकल इंडेक्स भी दबाव में थे। इसके विपरीत, फार्मा और हेल्थकेयर शेयरों में निवेशकों की दिलचस्पी दिखी, जिससे निफ्टी फार्मा और निफ्टी 500 हेल्थकेयर इंडेक्स में करीब 1% तक की तेजी आई।

बाजार के लिए प्रतिकूल वैश्विक माहौल

विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक वृहद आर्थिक (Global Macro) माहौल फिलहाल शेयर बाजारों के लिए ठीक नहीं है। ब्रेंट क्रूड का 106.87 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर कारोबार करना और अमेरिकी 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड का 5.23% पर होना, ये दोनों ही इक्विटी के लिए नकारात्मक कारक हैं। एशियाई बाजारों में भी गिरावट का रुख रहा, जहां जापान, हांगकांग और दक्षिण कोरिया के प्रमुख सूचकांक 1% तक लुढ़क गए। इससे पहले सोमवार को अमेरिकी बाजार भी गिरावट के साथ बंद हुए थे।

बाजार जानकारों के अनुसार, निफ्टी के 23,000 के स्तर से नीचे आने के बाद छोटी अवधि का रुझान मंदी (Bearish) का बना हुआ है। तकनीकी तौर पर, निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 22,650-22,700 के स्तर पर है, जबकि 22,950-23,000 के स्तर पर इसे प्रतिरोध (Resistance) का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, विशेषज्ञों ने यह भी कहा कि लार्ज-कैप ग्रोथ शेयरों का मूल्यांकन अब आकर्षक हो गया है, जो लंबी अवधि के निवेशकों के लिए खरीदारी का मौका हो सकता है।

इनपुट: IANS

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