अमेरिकी न्याय विभाग से भारतीय मूल की वकील हरमीत ढिल्लों का इस्तीफा, समय को लेकर उठे सवालों पर दी सफाई
भारतीय-अमेरिकी वकील हरमीत ढिल्लों ने अमेरिकी न्याय विभाग के नागरिक अधिकार प्रमुख के पद से अपना इस्तीफा सौंप दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि यह फैसला मध्यावधि चुनाव से कई हफ्ते पहले ही ले लिया गया…
भारतीय-अमेरिकी वकील हरमीत ढिल्लों ने अमेरिकी न्याय विभाग के नागरिक अधिकार प्रमुख के पद से अपना इस्तीफा सौंप दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि यह फैसला मध्यावधि चुनाव से कई हफ्ते पहले ही ले लिया गया था, लेकिन व्हाइट हाउस के अनुरोध पर उन्होंने इसे टाला था। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, इस इस्तीफे को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।
अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लैंच ने गुरुवार को हरमीत ढिल्लों का इस्तीफा स्वीकार करने की पुष्टि की। ढिल्लों ने 5 नवंबर को औपचारिक रूप से अपना त्याग पत्र सौंपा। उन्होंने उन अटकलों को खारिज कर दिया कि उन्हें पद छोड़ने के लिए कहा गया था। फॉक्स न्यूज डिजिटल से बातचीत में उन्होंने कहा, "मुझे इस्तीफा देने के लिए नहीं कहा गया। मैंने तीन हफ्ते पहले इस्तीफा दे दिया था, और सूसी ने मुझसे कहा कि कृपया मध्यावधि चुनाव तक इंतजार करें।" यहां वह व्हाइट हाउस की चीफ ऑफ स्टाफ सूसी वाइल्स का जिक्र कर रही थीं।
कार्यकाल और भविष्य की योजना
ढिल्लों ने बताया कि वह निजी कानूनी प्रैक्टिस में वापस लौटना चाहती हैं। उनका मानना है कि जिस काम के लिए वह वाशिंगटन आई थीं, वह पूरा हो चुका है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जारी एक बयान में उन्होंने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अवसर देने के लिए धन्यवाद दिया। अपने कार्यकाल का बचाव करते हुए उन्होंने लिखा, "नागरिक अधिकारों के लिए सहायक अटॉर्नी जनरल के रूप में अपने देश की सेवा करना जीवन भर का सम्मान रहा। हमने अवैध डीईआई (विविधता, समानता और समावेशन) के पतन की शुरुआत की, हमने महिलाओं और लड़कियों के खेलों की रक्षा के लिए लड़ाई लड़ी, और भी बहुत कुछ किया।"
प्रशंसा और आलोचना
प्रशासन ने चंडीगढ़ में जन्मीं वकील के काम की सराहना की है। अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लैंच ने उनके नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए कहा, "उन्होंने हर अमेरिकी की नागरिक स्वतंत्रता की रक्षा की है और बिना किसी डर या पक्षपात के कानून को लागू किया है।" वहीं, डेमोक्रेट्स और न्याय विभाग के पूर्व कर्मचारियों के एक समूह ने उनके कार्यकाल की कड़ी आलोचना की है। डेमोक्रेटिक नेशनल कमेटी के अध्यक्ष केन मार्टिन ने आरोप लगाया कि ढिल्लों ने अमेरिकियों की रक्षा करने के बजाय ट्रंप के व्यक्तिगत और राजनीतिक हितों को आगे बढ़ाने के लिए अपने पद का इस्तेमाल किया। इसी तरह, न्याय विभाग के पूर्व कर्मचारियों के समूह 'जस्टिस कनेक्शन' की प्रमुख स्टेसी यंग ने उन पर विभाग के पारंपरिक मिशन को छोड़ने का आरोप लगाया।
पृष्ठभूमि और नियुक्ति
हरमीत ढिल्लों का जन्म चंडीगढ़ में हुआ था। बाद में उनका परिवार लंदन और फिर न्यूयॉर्क होते हुए उत्तरी कैरोलिना में बस गया। उन्होंने डार्टमाउथ कॉलेज और वर्जीनिया विश्वविद्यालय से कानून की पढ़ाई की है। वह ढिल्लों लॉ ग्रुप और सेंटर फॉर अमेरिकन लिबर्टी की संस्थापक भी हैं। राष्ट्रपति ट्रंप ने उन्हें दिसंबर 2024 में इस पद के लिए नामित किया था, और सीनेट ने 3 अप्रैल 2025 को उनकी नियुक्ति की पुष्टि की थी।
इनपुट: IANS



