नेपाल बाढ़ त्रासदी: भारत ने 95 टन राहत सामग्री भेजी, लापता भारतीयों की तलाश जारी
नेपाल में पिछले महीने आई विनाशकारी बाढ़ के बाद भारत लगातार राहत और बचाव कार्यों में अपनी मदद जारी रखे हुए है। विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि एक करीबी पड़ोसी होने के नाते भारत इस आपदा की घड़ी में…
नेपाल में पिछले महीने आई विनाशकारी बाढ़ के बाद भारत लगातार राहत और बचाव कार्यों में अपनी मदद जारी रखे हुए है। विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि एक करीबी पड़ोसी होने के नाते भारत इस आपदा की घड़ी में नेपाल के साथ खड़ा है और जमीनी जरूरतों के आधार पर सहायता देना जारी रखेगा।
समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि भारत अब तक सात विमानों के जरिए 95 टन राहत सामग्री भेज चुका है। उन्होंने कहा, "हमने नेपाल के लोगों और सरकार के साथ एकजुटता और सहानुभूति जताई है, और हम इस आपदा में उनकी मदद करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं।"
बचाव और राहत कार्यों में भारतीय टीमें
प्रवक्ता ने जानकारी दी कि राहत सामग्री के अलावा भारत ने विशेषज्ञ टीमों को भी नेपाल में तैनात किया है। जायसवाल के मुताबिक, "हमारी फोरेंसिक टीम और टनल रेस्क्यू टीम, दोनों ही टीमें मौके पर काम कर रही हैं। वे बचाव और राहत कार्यों में मदद कर रही हैं।" फोरेंसिक टीम वर्तमान में काठमांडू की दो प्रयोगशालाओं में 1200 डीएनए नमूनों पर काम कर रही है।
लापता भारतीय नागरिकों की स्थिति
इस त्रासदी में कई भारतीय नागरिक भी प्रभावित हुए हैं। विदेश मंत्रालय के अनुसार, कुल 275 भारतीय नागरिक लापता हैं, जिनमें चीन की तरफ लापता हुए 49 लोग भी शामिल हैं। अब तक 169 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बचाया जा चुका है। रणधीर जायसवाल ने बताया कि लापता भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भारत, बीजिंग और काठमांडू में चौबीसों घंटे काम करने वाले कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं।
यह भीषण बाढ़ 26 अगस्त को चीन के तिब्बत क्षेत्र से शुरू हुई थी और सीमा पार बहने वाली भोटे कोशी नदी के जरिए नेपाल के रसुवा में पहुँची थी। इस आपदा के कारण विदेशी नागरिकों सहित एक हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो गई और हिमालयी देश में भारी तबाही हुई।
इनपुट: IANS



