सोमवार, 12 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली
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भारत कैसे बनेगा दुनिया की नई आर्थिक महाशक्ति? रिपोर्ट में AI और वैश्विक बदलावों की भूमिका पर ज़ोर

दुनिया भर में बदलते आर्थिक समीकरणों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बढ़ती ताकत के बीच भारत एक प्रमुख वैश्विक शक्ति के केंद्र के रूप में उभर रहा है। समाचार एजेंसी IANS ने ब्लूमबर्ग इकोनॉमिक्स की एक…

भारत कैसे बनेगा दुनिया की नई आर्थिक महाशक्ति? रिपोर्ट में AI और वैश्विक बदलावों की भूमिका पर ज़ोर
(फोटो: IANS)

दुनिया भर में बदलते आर्थिक समीकरणों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बढ़ती ताकत के बीच भारत एक प्रमुख वैश्विक शक्ति के केंद्र के रूप में उभर रहा है। समाचार एजेंसी IANS ने ब्लूमबर्ग इकोनॉमिक्स की एक रिपोर्ट के हवाले से बताया है कि भारत विकास की कई बाधाओं को पार करते हुए इस बहुध्रुवीय दुनिया में अपनी खास जगह बना रहा है। सोमवार को जारी इस रिपोर्ट में कहा गया है कि वैश्विक पूंजी के प्रवाह, व्यापारिक रिश्तों के नए सिरे से बनने और उद्योगों की बदलती संरचना के बीच भारत के लिए बड़े अवसर पैदा हो रहे हैं।

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ब्लूमबर्ग इकोनॉमिक्स के मुख्य अर्थशास्त्री टॉम ऑर्लिक के अनुसार, इन सभी वैश्विक बदलावों के बीच भारत विकास की राह में मौजूद कई बाधाओं को कम कर रहा है और वैश्विक व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की दिशा में बढ़ रहा है।

व्यापार और पूंजी प्रवाह से मिलेगा बढ़ावा

रिपोर्ट का अनुमान है कि मुक्त व्यापार समझौतों (FTA) का विस्तार भारत की अर्थव्यवस्था के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकता है। इसके अनुसार, 2035 तक यह नेटवर्क देश की जीडीपी में 140 अरब डॉलर से 170 अरब डॉलर तक की अतिरिक्त वृद्धि कर सकता है। अगर इसके साथ विनिर्माण लागत कम करने और कृषि से श्रमिकों को दूसरे उत्पादक क्षेत्रों में लाने जैसे घरेलू सुधार किए जाएं तो यह लाभ और भी बढ़ सकता है।

रिपोर्ट इस बात पर भी प्रकाश डालती है कि वैश्विक पूंजी का प्रवाह अब पहले से कहीं ज़्यादा केंद्रित और राजनीतिक हो गया है। मित्र देशों की तुलना में प्रतिद्वंद्वी देशों के बीच निवेश लगभग 40 प्रतिशत कम है, और ज़्यादातर पूंजी AI और सेमीकंडक्टर जैसे भविष्य के क्षेत्रों में जा रही है। ऐसे में भारत के सामने अमेरिकी तकनीक क्षेत्र की भारी मांग और दूसरे देशों से मिल रहे निवेश प्रोत्साहनों के बीच खुद को एक आकर्षक केंद्र बनाए रखने की चुनौती होगी।

AI और शहरीकरण: विकास के दो बड़े इंजन

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को भारत के लिए एक बड़े अवसर के रूप में देखा जा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, AI भारत की आर्थिक विकास दर में हर साल 0.9 प्रतिशत की अतिरिक्त बढ़ोतरी कर सकता है। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य को हासिल करने में अहम भूमिका निभा सकता है। हालांकि, रिपोर्ट में यह चेतावनी भी दी गई है कि बुनियादी ढांचे की कमी AI से होने वाले लाभ को सीमित कर सकती है।

इसके अलावा, भारत के तेजी से बढ़ते शहरीकरण को भी एक बड़ी ताकत बताया गया है। करीब 82 करोड़ की शहरी आबादी उत्पादकता बढ़ाने का एक बड़ा स्रोत बन सकती है, बशर्ते नगर प्रशासन, बुनियादी ढांचे और भूमि उपयोग की योजना को और मजबूत किया जाए।

इनपुट: IANS

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