व्यापार समझौते: चिली के साथ डील अंतिम दौर में, कनाडा से भी बातचीत तेज - पीयूष गोयल
भारत दुनिया के कई देशों और व्यापारिक समूहों के साथ अपने आर्थिक संबंधों को मजबूत करने के लिए मुक्त व्यापार समझौतों (FTA) पर तेजी से काम कर रहा है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने…
भारत दुनिया के कई देशों और व्यापारिक समूहों के साथ अपने आर्थिक संबंधों को मजबूत करने के लिए मुक्त व्यापार समझौतों (FTA) पर तेजी से काम कर रहा है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने नीदरलैंड्स में पत्रकारों से बातचीत के दौरान बताया कि चिली के साथ प्रस्तावित व्यापार समझौता लगभग अपने अंतिम चरण में है, जबकि कनाडा के साथ भी बातचीत काफी आगे बढ़ चुकी है।
समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, गोयल ने अपनी दो दिवसीय नीदरलैंड्स यात्रा के दौरान इन अहम व्यापारिक वार्ताओं की प्रगति पर जानकारी दी। उन्होंने कहा, "चिली के साथ समझौता लगभग निष्कर्ष तक पहुंचता दिखाई दे रहा है। कनाडा के साथ भी बातचीत बहुत अच्छी गति से आगे बढ़ रही है।"
अफ्रीका और लैटिन अमेरिका में नए अवसर
भारत सिर्फ चिली और कनाडा तक ही सीमित नहीं है, बल्कि अन्य क्षेत्रों में भी संभावनाएं तलाश रहा है। गोयल ने बताया कि दक्षिण अफ्रीकी सीमा शुल्क संघ (SACU) के साथ औपचारिक बातचीत शुरू हो गई है। SACU में बोत्सवाना, इस्वातिनी, लेसोथो, नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका जैसे देश शामिल हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि "एसएसीयू के साथ अभी हमने वार्ता शुरू की है, इसलिए उसमें कुछ समय लग सकता है।"
इसके अलावा, मेक्सिको भी भारत के साथ एक शुरुआती व्यापार समझौते को जल्द अंतिम रूप देने का इच्छुक है। वहीं, ब्राजील में हालिया चुनावों के बाद मर्कोसुर समूह के साथ भारत के मौजूदा वरीयता प्राप्त व्यापार समझौते के विस्तार में भी तेजी आने की उम्मीद है।
नीदरलैंड्स यात्रा और यूरोपीय संघ के साथ संबंध
पीयूष गोयल की यह यात्रा भारत-नीदरलैंड्स और भारत-यूरोपीय संघ (EU) के आर्थिक रिश्तों को गति देने पर केंद्रित रही। उन्होंने नीदरलैंड्स के विदेश व्यापार मंत्री स्जोर्ड स्जोर्ड्स्मा और आर्थिक मामलों की मंत्री हेलेन हेर्बर्ट सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की। इस दौरान भारत-ईयू आर्थिक साझेदारी पर भी चर्चा हुई।
यात्रा का एक मुख्य आकर्षण 'इंडिया-नीदरलैंड्स बिजनेस फोरम' रहा, जिसमें दोनों देशों की प्रमुख कंपनियों के लगभग 200 प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। गोयल ने नीदरलैंड्स को यूरोपीय बाजारों तक पहुंचने का एक प्रमुख प्रवेश द्वार बताते हुए व्यापार, निवेश और प्रौद्योगिकी में सहयोग की व्यापक संभावनाओं पर जोर दिया। उन्होंने सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, लॉजिस्टिक्स और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों की कई डच कंपनियों के CEOs के साथ भी बैठकें कीं।
इनपुट: IANS



