वित्त मंत्री सीतारमण ने बताया 10% से ज़्यादा विकास दर का रास्ता, तकनीक और इनोवेशन पर दिया ज़ोर
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का मानना है कि अगर भारत टेक्नोलॉजी और इनोवेशन को पूरी तरह अपना ले, तो 10 प्रतिशत से अधिक की आर्थिक वृद्धि दर हासिल कर सकता है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार…
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का मानना है कि अगर भारत टेक्नोलॉजी और इनोवेशन को पूरी तरह अपना ले, तो 10 प्रतिशत से अधिक की आर्थिक वृद्धि दर हासिल कर सकता है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, चेन्नई में आईआईटी मद्रास एलुमनाई एसोसिएशन के एक कार्यक्रम में उन्होंने यह बात कही। उन्होंने स्पष्ट किया कि 2047 तक 'विकसित भारत' बनने के इस लक्ष्य को पाने के लिए सरकार, उद्योग, शिक्षा जगत और समाज को मिलकर प्रयास करने होंगे।
वित्त मंत्री ने इस बात पर भी चिंता जताई कि देश में कुछ लोग ऐसे भी हैं "जो भारत की असफलता में संतोष महसूस करते हैं"। उन्होंने कहा कि विकसित राष्ट्र बनने के सफर में इस नकारात्मक मानसिकता को बदलना होगा और ज़्यादा से ज़्यादा लोगों को सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित करना होगा।
कृषि में तकनीक की भूमिका
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम की तारीफ करते हुए कहा कि तकनीकी दखल ने कई क्षेत्रों में, खासकर कृषि में बड़ा बदलाव लाया है। उन्होंने बताया कि ड्रोन और एरियल जियोस्पेशियल उपकरणों के इस्तेमाल से किसानों को ज़मीन की सटीक मैपिंग और संसाधनों के बेहतर प्रबंधन में मदद मिल रही है। उनके मुताबिक, इन तकनीकों से खेती की गतिविधियाँ ज़्यादा वैज्ञानिक और कुशल बन रही हैं।
उन्होंने उर्वरक वितरण में पॉइंट-ऑफ-सेल (POS) मशीनों का उदाहरण भी दिया। उन्होंने समझाया कि परीक्षण परियोजनाओं में यह सिस्टम किसान, उनकी ज़मीन और फसल से जुड़ी जानकारी दर्ज करता है और मिट्टी व सिंचाई की स्थिति के आधार पर ज़रूरी खाद की मात्रा का सुझाव देता है, जिससे उर्वरकों का संतुलित उपयोग सुनिश्चित हो रहा है।
दुनिया में भारत के UPI की गूंज
इस कार्यक्रम में वित्त मंत्री ने डॉ. संतनु पॉल और बी. संबामूर्ति द्वारा लिखित पुस्तक 'कैशलेस नेशन: हाउ यूपीआई चेंज्ड एव्रीथिंग' का विमोचन भी किया। यह पुस्तक भारत की डिजिटल भुगतान क्रांति और UPI की सफलता की कहानी बताती है।
उन्होंने कहा कि भारत का UPI अब एक वैश्विक ब्रांड बन चुका है और फ्रांस, सिंगापुर, यूएई, ग्रीस और मॉरीशस समेत 11 देशों में काम कर रहा है। वित्त मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि दुनिया में होने वाले हर दो रियल-टाइम डिजिटल भुगतान में से एक भारत में होता है। उन्होंने बताया कि 2018 के बाद से देश में UPI-आधारित भुगतान केंद्रों की संख्या में लगभग 260 गुना की भारी बढ़ोतरी हुई है, जिससे डिजिटल पेमेंट दूर-दराज के इलाकों तक भी आसानी से पहुँच गया है।
इनपुट: IANS



