CEC ज्ञानेश कुमार: इंडिया ब्लॉक ने सड़क से सुप्रीम कोर्ट तक लड़ाई जारी रखने का किया ऐलान
मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की अपनी मांग पर इंडिया ब्लॉक अडिग है और उसने इस मुद्दे पर अपना राजनीतिक आंदोलन जारी रखने का फैसला किया है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के…
मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की अपनी मांग पर इंडिया ब्लॉक अडिग है और उसने इस मुद्दे पर अपना राजनीतिक आंदोलन जारी रखने का फैसला किया है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, विपक्षी दलों ने कहा है कि वे सड़कों पर विरोध-प्रदर्शन के साथ-साथ सुप्रीम कोर्ट में कानूनी लड़ाई भी लड़ेंगे।
विपक्षी गठबंधन के नेताओं ने इस मुद्दे पर अपनी एकजुटता दोहराई है और अभियान को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई है। गठबंधन के सहयोगी दल मिलकर आंदोलन की भविष्य की रणनीति पर चर्चा करेंगे और समन्वय के साथ कोई भी फैसला लेंगे।
कानूनी और राजनीतिक मोर्चा
सीपीआई (एम) सांसद जॉन ब्रिटास ने स्पष्ट किया कि CEC ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लेकर आंदोलन में कोई ढील नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा, "सुप्रीम कोर्ट में कानूनी लड़ाई के साथ-साथ हम राजनीतिक विरोध और आंदोलन भी जारी रखेंगे।" ब्रिटास ने यह भी बताया कि सांसदों को फिलहाल अपने निर्वाचन क्षेत्रों की जिम्मेदारियों के लिए समय दिया गया है, लेकिन सैद्धांतिक रूप से यह तय किया गया है कि जरूरत पड़ने पर सभी को 24 घंटे के नोटिस पर दिल्ली में इकट्ठा होने के लिए तैयार रहना होगा।
'संवैधानिक मूल्यों की रक्षा'
इस आंदोलन को संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए सीपीआई (एम) के महासचिव एमए बेबी ने कहा, "भारत निर्वाचन आयोग जैसी संवैधानिक संस्थाओं की जवाबदेही सुनिश्चित करने का संघर्ष बेहद महत्वपूर्ण है।" उन्होंने कहा कि इस संघर्ष को कई स्तरों पर आगे बढ़ाने की जरूरत पड़ सकती है और इंडिया ब्लॉक इसमें सबसे आगे है। बेबी के अनुसार, छात्र संगठनों समेत कई अन्य समूहों ने भी इस अभियान पर चर्चा करने में रुचि दिखाई है।
गठबंधन की एकजुटता
सीपीआई के राष्ट्रीय महासचिव डी. राजा ने भी इस बात की पुष्टि की कि इंडिया ब्लॉक के नेता अभियान को जारी रखने के लिए एकजुट हैं। उन्होंने बताया कि दिल्ली में हुए हालिया विरोध प्रदर्शन की समीक्षा में नेताओं ने जन प्रतिक्रिया की सराहना की। राजा ने कहा, "पिछली बैठक में सभी नेताओं ने इस अभियान को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई थी।" उन्होंने जोर देकर कहा कि आंदोलन की आगे की रणनीति आपसी विचार-विमर्श से तय होगी और यह संदेश जाना चाहिए कि "इंडिया ब्लॉक चुप नहीं बैठेगा।"
इनपुट: IANS



