आवागमन और प्रवासन पर भारत-कनाडा की पहली वार्ता, द्विपक्षीय संबंधों को मिलेगी नई दिशा
भारत और कनाडा ने आपसी संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की है। दोनों देशों ने सोमवार को नई दिल्ली में पहली बार 'माइग्रेशन एंड मोबिलिटी डायलॉग' का आयोजन किया, जिसका मुख्य उद्देश्य…
भारत और कनाडा ने आपसी संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की है। दोनों देशों ने सोमवार को नई दिल्ली में पहली बार 'माइग्रेशन एंड मोबिलिटी डायलॉग' का आयोजन किया, जिसका मुख्य उद्देश्य लोगों के आवागमन को सुगम बनाना और प्रवासन से जुड़े मुद्दों का बेहतर प्रबंधन करना है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस संवाद को भविष्य में भारत-कनाडा साझेदारी के विकास के लिए एक अहम आधार माना जा रहा है।
इस उच्च-स्तरीय बैठक की सह-अध्यक्षता भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) की सचिव श्रीप्रिया रंगनाथन और कनाडा के आव्रजन, शरणार्थी एवं नागरिकता विभाग (IRCC) के उप मंत्री टेड गैलीवन ने की। विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जानकारी देते हुए कहा कि यह बैठक दोनों देशों के बीच लोगों के आपसी संबंधों (people-to-people ties) को और गहरा करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
उच्च स्तरीय संवाद और भविष्य की रूपरेखा
वार्ता के दौरान, दोनों पक्षों ने उन तरीकों पर विस्तार से चर्चा की जिनसे लोगों की आवाजाही को और सहज बनाया जा सके। मंत्रालय के मुताबिक, इस सहयोग से आने वाले समय में भारत-कनाडा के रिश्तों को नई गति मिलने की उम्मीद है। यह संवाद दोनों देशों के बीच लगातार हो रही उच्च-स्तरीय मुलाकातों की श्रृंखला का हिस्सा है, जो आपसी रिश्तों में सकारात्मक गति का संकेत देता है।
हालिया कूटनीतिक मुलाकातें
गौरतलब है कि इसी महीने कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद ने नई दिल्ली का दौरा किया था। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात की थी। तब अनीता आनंद ने वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच दोनों देशों के लिए आर्थिक संबंधों को मजबूत करने की जरूरत पर बल दिया था। पीएम मोदी से मुलाकात के बाद उन्होंने कहा था कि भारत और कनाडा मिलकर एक अधिक समृद्ध भविष्य बना सकते हैं। उन्होंने यह भी बताया था कि प्रधानमंत्री मोदी को इस साल दिसंबर में कनाडा आने का निमंत्रण दिया गया है।
प्रधानमंत्री मोदी ने भी अनीता आनंद के साथ अपनी चर्चा को सार्थक बताते हुए व्यापार, प्रौद्योगिकी, सुरक्षा, ऊर्जा और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया था। वहीं, विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बताया था कि दोनों पक्षों ने व्यापार, निवेश, शिक्षा और रक्षा समेत कई क्षेत्रों में हुई प्रगति की समीक्षा की है। जून 2025 के बाद से यह अनीता आनंद की भारत की तीसरी यात्रा थी।
इनपुट: IANS



