जेल में गंभीर बीमार, अब विदेश में नौकरी? केरल के पूर्व डीजीपी पर हाईकोर्ट ने उठाए सवाल
केरल के पूर्व पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) टॉमिन जे. थाचंकरी की विदेश यात्रा की अर्जी पर केरल हाईकोर्ट ने तीखे सवाल किए हैं। अदालत ने इस बात पर हैरानी जताई कि जो व्यक्ति जेल में रहने के दौरान गंभीर रूप…
केरल के पूर्व पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) टॉमिन जे. थाचंकरी की विदेश यात्रा की अर्जी पर केरल हाईकोर्ट ने तीखे सवाल किए हैं। अदालत ने इस बात पर हैरानी जताई कि जो व्यक्ति जेल में रहने के दौरान गंभीर रूप से बीमार था, वह जमानत मिलते ही काम के लिए विदेश जाने लायक कैसे हो गया। भ्रष्टाचार के मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद थाचंकरी केरल के पहले ऐसे सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी हैं जिन्हें जेल भेजा गया।
समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, जस्टिस ए. बदरुद्दीन ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि थाचंकरी ने दो अलग-अलग बातें कही हैं। एक तरफ, वे अपनी 28 दिन की हिरासत के दौरान जेल अस्पताल में भर्ती थे, और दूसरी तरफ अब वे काम करने के लिए विदेश जाने की अनुमति मांग रहे हैं। अदालत ने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में राहत देने से न्यायपालिका पर जनता के विश्वास पर असर पड़ सकता है।
अदालत ने मांगी जेल से रिपोर्ट
इस मामले की तह तक जाने के लिए हाईकोर्ट ने जेल अधीक्षक से एक विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। इस रिपोर्ट में यह बताने को कहा गया है कि थाचंकरी असल में कितने दिन जेल के अस्पताल में भर्ती रहे, उनका किन बीमारियों का इलाज चला और अपनी चार सप्ताह की हिरासत के दौरान वे कितने दिन अस्पताल से बाहर थे। अदालत ने कहा कि इस रिपोर्ट से यह तय करने में मदद मिलेगी कि विदेश जाने का उनका अनुरोध तथ्यों की कसौटी पर खरा उतरता है या नहीं। मामले की अगली सुनवाई 6 नवंबर को होनी है।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, आय से अधिक संपत्ति के एक मामले में कोट्टायम की एक विशेष अदालत ने थाचंकरी को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दोषी पाया था। उन्हें चार साल कैद और 30.84 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई थी। लगभग चार सप्ताह जेल में बिताने के बाद, 15 अक्टूबर को हाईकोर्ट ने उनकी सजा पर रोक लगाते हुए उन्हें जमानत दे दी थी। हालांकि, जमानत की एक शर्त यह भी थी कि वे अदालत की अनुमति के बिना देश नहीं छोड़ सकते। इसी शर्त में ढील देने के लिए पूर्व डीजीपी ने हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल की है।
इनपुट: IANS



