हैदराबाद: दशहरा पर अंधविश्वास के नाम पर कैद किए गए चार 'इंडियन रोलर' पक्षी बचाए गए
दशहरे के त्योहार पर तेलंगाना के राजकीय पक्षी 'इंडियन रोलर' (पालापिट्टा) को देखना शुभ मानने वाले अंधविश्वास के कारण उन्हें कैद कर प्रताड़ित करने का मामला सामने आया है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट…
दशहरे के त्योहार पर तेलंगाना के राजकीय पक्षी 'इंडियन रोलर' (पालापिट्टा) को देखना शुभ मानने वाले अंधविश्वास के कारण उन्हें कैद कर प्रताड़ित करने का मामला सामने आया है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, हैदराबाद पुलिस ने नागरिकों की सूचना पर कार्रवाई करते हुए तीन अलग-अलग जगहों से चार पक्षियों को अवैध कैद से मुक्त कराया।
पुलिस आयुक्त वीसी सज्जनार ने बुधवार को बताया कि कुछ स्वार्थी तत्वों ने इन पक्षियों को लोहे के पिंजरों में कैद कर रखा था। उन्होंने कहा, "हमने पहले ही स्पष्ट चेतावनी दी थी कि बेज़ुबान प्राणियों को नुकसान पहुंचाने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी, लेकिन इसके बावजूद कुछ लोगों ने इन चेतावनियों को अनसुना कर दिया और इन बेबस पक्षियों को घोर पीड़ा पहुंचाई।"
तीन स्थानों पर हुई कार्रवाई
पुलिस ने अपनी कार्रवाई के दौरान दो पक्षियों को लंगर हाउज के बापू घाट स्थित एक मंदिर के पास से मुक्त कराया, जहाँ वे तंग पिंजरों में बुरी तरह पीड़ित थे। चत्रिनाका के श्री चित्रगुप्त स्वामी मंदिर के पास एक पेड़ से लटके पिंजरे से एक तीसरे पक्षी को बचाया गया। वहीं, चौथा पक्षी मंगलहाट के बालाजी नगर स्थित एक मंदिर के पास से बरामद हुआ। बचाए गए सभी चारों पक्षियों को वन विभाग के अधिकारियों को सौंप दिया गया है।
क्यों और कैसे होता है यह अपराध
लोगों में यह मान्यता है कि दशहरा पर इंडियन रोलर को देखने से सौभाग्य आता है। इसी का फायदा उठाकर शिकारी और तांत्रिक त्योहार से पहले इन पक्षियों को पकड़ लेते हैं। वे उन्हें मंदिरों और पंडालों के पास पिंजरों में प्रदर्शित करते हैं और दर्शन के बदले भक्तों से पैसे वसूलते हैं।
इन पक्षियों को उड़ने से रोकने के लिए अक्सर उनके पैर बांध दिए जाते हैं, पंख काट दिए जाते हैं या चिपका दिए जाते हैं। कैद में ये कीटभक्षी पक्षी भोजन-पानी के अभाव में रहते हैं और त्योहार खत्म होने के बाद अक्सर निर्जलीकरण, आघात या भूख से मर जाते हैं।
अवैध है पक्षियों को कैद करना
इंडियन रोलर को पकड़ना और प्रदर्शित करना वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के तहत पूरी तरह से अवैध है। यह पक्षी अधिनियम की अनुसूची IV के तहत संरक्षित है और इसका उल्लंघन करने पर भारी जुर्माना या कारावास हो सकता है। आयुक्त वीसी सज्जनार ने बताया कि वन विभाग के साथ मिलकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई शुरू की जा रही है।
उन्होंने कहा, "पिंजरे की सलाखों के बीच आतंक से तड़पते पक्षी की चीख में भला शुभता क्या हो सकती है? सच्ची भक्ति तो सभी जीवित प्राणियों के प्रति करुणा में है, न कि प्रकृति को कैद करने में।" पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अगर उन्हें कहीं भी पिंजरे में बंद इंडियन रोलर दिखाई दे तो टोल-फ्री नंबर 18004255364, 9803338666 या 112 पर तुरंत सूचना दें।
इनपुट: IANS



