नगांव उपचुनाव में भाजपा की जीत के बाद CM हिमंत बिस्वा सरमा के निशाने पर विपक्ष और चुनाव आयोग
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने नगांव लोकसभा उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी की जीत के बाद विपक्षी दलों, विशेषकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। शुक्रवार को गुवाहाटी में पत्रकारों से बात करते…
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने नगांव लोकसभा उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी की जीत के बाद विपक्षी दलों, विशेषकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। शुक्रवार को गुवाहाटी में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष चुनाव हारने पर जनता के बीच जाने के बजाय चुनाव आयोग को निशाना बनाता है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने मतदाता सूची और राज्य में कथित अवैध घुसपैठ जैसे मुद्दों की अनदेखी करने के लिए भी विपक्ष की आलोचना की।
सीएम सरमा ने कहा, "जब भी भाजपा कोई चुनाव जीतती है, विपक्ष चुनाव आयोग को निशाना बनाना शुरू कर देता है।" उन्होंने विपक्षी दलों को सलाह दी कि वे शोर-शराबा करने के बजाय लोगों के बीच जाकर उनके लिए काम करें। नगांव लोकसभा सीट पर भाजपा की यह जीत अहम मानी जा रही है, क्योंकि यह क्षेत्र अल्पसंख्यक बहुल है और पिछले दो आम चुनावों से कांग्रेस के पास था।
चुनाव आयोग की भूमिका और अवैध घुसपैठ का मुद्दा
मुख्यमंत्री ने चुनाव आयोग की जिम्मेदारियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आयोग का काम सिर्फ योग्य मतदाताओं के नाम जोड़ना ही नहीं, बल्कि कानून के अनुसार अयोग्य लोगों के नाम हटाना भी है। कथित अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों के संदर्भ में उन्होंने कहा, "यदि नाम जोड़ना चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है, तो नाम हटाना भी उसकी जिम्मेदारी है।"
उन्होंने हाल की एक घटना का उदाहरण देते हुए बताया, "कल हमने गुवाहाटी में करीब 100 बांग्लादेशियों को पकड़ा। यदि किसी कारण से वे पुलिस की पकड़ में नहीं आते, तो छह महीने बाद उनके नाम मतदाता सूची में शामिल हो सकते हैं।" सरमा ने यह भी दावा किया कि पिछले एक साल में असम से कई ऐसे लोगों को वापस भेजा गया है जो कथित तौर पर बांग्लादेश से अवैध रूप से राज्य में आए थे, हालांकि उन्होंने स्वीकार किया कि अधिकारी ऐसे मामलों का केवल एक छोटा हिस्सा ही पकड़ पाते हैं।
विपक्ष को असम आने की चुनौती
सीएम सरमा ने विपक्षी नेताओं द्वारा लोगों को प्रदर्शन के लिए दिल्ली ले जाने की रणनीति की भी आलोचना की और इसे अधिकारियों पर दबाव बनाने का एक तरीका बताया। उन्होंने विपक्षी नेताओं को असम आकर यहां के लोगों की समस्याओं को देखने की चुनौती दी।
उन्होंने कहा, "दिल्ली में अपनी ताकत दिखाने से पहले असम आइए और यहां के लोगों का दर्द और पीड़ा देखिए। तब आपको देश की वास्तविक स्थिति समझ में आएगी।" सरमा के अनुसार, कथित अवैध घुसपैठ का मुद्दा असम के लोगों के लिए एक गंभीर चिंता का विषय है। गौरतलब है कि भारतीय चुनाव कानून के तहत, मतदाता पंजीकरण अधिकारियों पर यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी होती है कि मतदाता सूची नागरिकता सहित सभी कानूनी पात्रता मानदंडों को पूरा करती हो।
इनपुट: IANS



