शेख हसीना के बेटे का बड़ा आरोप: 2024 में बांग्लादेश सरकार गिराने के पीछे अमेरिका का हाथ था
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के बेटे साजीब वाजेद जॉय ने अमेरिका पर एक गंभीर आरोप लगाया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, वाशिंगटन में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने दावा किया…
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के बेटे साजीब वाजेद जॉय ने अमेरिका पर एक गंभीर आरोप लगाया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, वाशिंगटन में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने दावा किया कि इस साल अगस्त में उनकी मां की सरकार को गिराने वाले विरोध-प्रदर्शनों के पीछे तत्कालीन बाइडेन प्रशासन का हाथ था।
जॉय का आरोप है कि अमेरिकी सरकारी एजेंसियों और लोकतंत्र समर्थक संगठनों ने उन समूहों को संगठित करने में मदद की, जिन्होंने शेख हसीना सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किए। उन्होंने कहा, "बिल्कुल, बाइडेन प्रशासन इस शासन परिवर्तन में गहराई से शामिल था। यूएसएआईडी ने इसके लिए 50 मिलियन डॉलर की फंडिंग दी थी।" हालांकि, जॉय ने अपने दावों के समर्थन में कोई दस्तावेजी सबूत पेश नहीं किया और इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि भी नहीं हो सकी है।
क्षेत्रीय सुरक्षा और विदेशी प्रभाव पर चिंता
क्षेत्रीय सुरक्षा पर बोलते हुए साजीब वाजेद जॉय ने दावा किया कि हसीना सरकार के जाने के बाद आई व्यवस्था ने दोषी करार दिए गए उग्रवादियों को रिहा कर दिया है। उन्होंने कहा कि इससे चरमपंथी संगठनों को फिर से प्रभाव जमाने का मौका मिला है। जॉय ने आरोप लगाया कि विदेशी नागरिकों पर हमलों से जुड़े कैदियों को छोड़ा गया और पाकिस्तान से संबंधित कुछ उग्रवादी समूहों की गतिविधियां भी बांग्लादेश में बढ़ी हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े कुछ लोग अब बांग्लादेश में सार्वजनिक कार्यक्रमों में नजर आ रहे हैं, जो भारत और पूरे क्षेत्र की सुरक्षा के लिए चिंता का विषय हो सकता है। जॉय ने यह भी आरोप लगाया कि मौजूदा व्यवस्था चीन के साथ अपने रिश्ते मजबूत कर रही है और चीनी कंपनियों के साथ कारोबारी सौदों में भ्रष्टाचार की भूमिका है।
अंतरिम सरकार के गठन में अमेरिकी भूमिका का आरोप
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जॉय ने यह भी आरोप लगाया कि अंतरिम सरकार के प्रमुख मुहम्मद यूनुस को बांग्लादेश की सेना पर अमेरिकी दबाव के बाद सत्ता में लाया गया था। उन्होंने दावा किया कि ढाका में अमेरिकी राजदूत ने यूनुस को अंतरिम प्रशासन का नेतृत्व सौंपने में अहम भूमिका निभाई। यह कार्यक्रम ऐसे माहौल में हुआ जहाँ शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग के समर्थक और कुछ पूर्व अधिकारी भी मौजूद थे।
बांग्लादेश की आर्थिक स्थिति पर सवाल
जॉय ने अमेरिका के साथ हुए बड़े व्यावसायिक समझौतों को पूरा करने की बांग्लादेश की क्षमता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने अमेरिकी ऊर्जा कंपनी एक्सेलरेट एनर्जी और विमान निर्माता 'बोइंग' के साथ हुए सौदों का जिक्र करते हुए कहा कि देश के पास अपनी देनदारियों को पूरा करने के लिए पर्याप्त धन नहीं है। उन्होंने दावा किया, "उन्होंने 29 बोइंग विमानों का अनुबंध किया है, लेकिन बांग्लादेश सरकार के पास उनका भुगतान करने के लिए पैसा नहीं है।" जॉय के अनुसार, अमेरिकी ऊर्जा आपूर्तिकर्ताओं को भी मौजूदा समझौतों के तहत पूरा भुगतान नहीं मिल रहा है। हालांकि, इन दावों पर संबंधित कंपनियों या बांग्लादेश सरकार की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
इनपुट: IANS



