मतदाता सूची में गड़बड़ी का आरोप: BRS ने मुख्य चुनाव आयुक्त से मांगा इस्तीफा, सुप्रीम कोर्ट से जांच की अपील
भारत राष्ट्र समिति (BRS) ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित अनियमितताओं को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग तेज कर दी है। पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष…
भारत राष्ट्र समिति (BRS) ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित अनियमितताओं को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग तेज कर दी है। पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष के.टी. रामाराव (KTR) ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पर यह मांग उठाते हुए कहा कि किसी भी भारतीय नागरिक को उसके मतदान के अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता।
समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, KTR ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट से स्वत: संज्ञान लेने और किसी मौजूदा न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक स्वतंत्र जांच कराने का भी आग्रह किया है। उन्होंने अपनी एक्स (X) पोस्ट में लिखा, "भारतीय संविधान से बड़ा कुछ नहीं है... फिर एक व्यक्ति को बचाने के लिए इतनी बेचैनी क्यों है? क्या एक व्यक्ति 140 करोड़ भारतीयों के अधिकारों से बड़ा हो सकता है?"
चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पर सवाल
इस मुद्दे पर तेलंगाना विधानसभा में BRS के उपनेता टी. हरीश राव ने भी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग भारतीय लोकतंत्र की रीढ़ है, न कि सत्ता में बैठे लोगों को बचाने का माध्यम। हरीश राव ने संविधान के अनुच्छेद 324, 325, 326 और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 तथा 1951 का हवाला देते हुए एक विश्वसनीय और निष्पक्ष चुनाव प्रणाली की आवश्यकता पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार को इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए और अगर आयोग जनता का विश्वास हासिल करने में विफल रहता है तो उन्हें पद छोड़ देना चाहिए। BRS ने आरोप लगाया है कि SIR प्रक्रिया के तहत पार्टी के विधायकों वाले निर्वाचन क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं।
हैदराबाद से दिल्ली तक प्रदर्शन की योजना
इस मामले को लेकर BRS ने अपना विरोध तेज करने का फैसला किया है। पार्टी शनिवार को हैदराबाद में तेलंगाना के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) के कार्यालय के सामने प्रदर्शन करेगी। पार्टी की योजना है कि हैदराबाद में प्रदर्शन के बाद इस मुद्दे पर अपना अभियान दिल्ली तक ले जाया जाएगा। BRS इस मामले में एक व्यापक और स्वतंत्र जांच की मांग कर रही है।
इनपुट: IANS



