सोमवार, 2 नवम्बर 2026 · नई दिल्ली
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सोलर रूफटॉप: गुजरात 2027 के लक्ष्य के करीब, 9 लाख से ज़्यादा घरों में लगे सिस्टम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी 'पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना' के तहत गुजरात ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। राज्य में अब तक 9.08 लाख घरों की छतों पर सोलर सिस्टम लगाए जा चुके हैं…

सोलर रूफटॉप: गुजरात 2027 के लक्ष्य के करीब, 9 लाख से ज़्यादा घरों में लगे सिस्टम
(फोटो: IANS)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी 'पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना' के तहत गुजरात ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। राज्य में अब तक 9.08 लाख घरों की छतों पर सोलर सिस्टम लगाए जा चुके हैं, जिनसे कुल 3,408 मेगावाट बिजली पैदा हो रही है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस कामयाबी के साथ गुजरात ने मार्च 2027 तक 10 लाख घरों को सौर ऊर्जा से जोड़ने के अपने लक्ष्य का 90 प्रतिशत हिस्सा पूरा कर लिया है।

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इस प्रदर्शन के साथ ही, रूफटॉप सोलर क्षमता के मामले में गुजरात देश का अग्रणी राज्य बन गया है। देश में स्थापित कुल रूफटॉप सोलर क्षमता में गुजरात की हिस्सेदारी 18.21 प्रतिशत है। यह उपलब्धि राज्य के उन प्रयासों का हिस्सा है, जिनका उद्देश्य नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देना और पारंपरिक बिजली स्रोतों पर निर्भरता कम करना है।

सरकारी नीतियां और वित्तीय सहायता

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में राज्य सरकार घरों पर सोलर पैनल लगाने को प्रोत्साहित करने के लिए कई तरह की वित्तीय और नियामकीय रियायतें दे रही है। मिसाल के तौर पर, छह किलोवाट तक के सिस्टम पर 2,950 रुपए का नियामकीय शुल्क माफ किया गया है। साथ ही, 'नेटवर्क मजबूत करने के शुल्क' और 'नेट मीटरिंग एग्रीमेंट' की अनिवार्यता को भी खत्म कर दिया गया है।

छोटे उपभोक्ताओं के लिए इसे और भी किफायती बनाने के लिए अतिरिक्त मदद दी जा रही है। अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के परिवारों को 2.18 किलोवाट-पीक तक के सिस्टम के लिए कुल लागत का सिर्फ पांच प्रतिशत ही देना होता है, जबकि अन्य उपभोक्ताओं के लिए यह सीमा 10 प्रतिशत है। केंद्र सरकार की सब्सिडी और उपभोक्ता के हिस्से को घटाने के बाद बची हुई राशि राज्य सरकार वहन करती है।

उपभोक्ताओं के लिए फायदे

नई सोलर नीति के तहत, उपभोक्ता 'नेट मीटरिंग' का लाभ उठा सकते हैं, जिससे ग्रिड से ली गई और ग्रिड को वापस दी गई अतिरिक्त बिजली का हिसाब रखा जाता है। घरों में सोलर सिस्टम लगाने के लिए 'कनेक्टेड लोड' की कोई सीमा तय नहीं की गई है। इसके अलावा, लोग अपने सिस्टम से पैदा हुई अतिरिक्त बिजली बेच भी सकते हैं और उन्हें बैंकिंग शुल्क से भी छूट दी गई है।

गुजरात में नवीकरणीय ऊर्जा की स्थिति

रूफटॉप सोलर के अलावा भी गुजरात ने अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रगति की है। 30 सितंबर, 2024 तक राज्य की कुल नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता 55,511.46 मेगावाट थी, जो देश की कुल क्षमता का 18.55 प्रतिशत है। इसमें सौर ऊर्जा का हिस्सा 36,234.55 मेगावाट और पवन ऊर्जा का 17,043.76 मेगावाट है। यह प्रयास भारत के 2030 तक 50% बिजली ज़रूरतें अक्षय ऊर्जा से पूरी करने और 2070 तक नेट-ज़ीरो उत्सर्जन के राष्ट्रीय लक्ष्यों के अनुरूप है।

इनपुट: IANS

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News4Social गुजरात डेस्क

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