भगवंत मान का अमित शाह पर पलटवार: कहा- गुजरात बन गया है देश में ड्रग्स का सबसे बड़ा सप्लायर
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शुक्रवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी, जिसमें शाह ने राज्य में आम आदमी पार्टी की सरकार के भविष्य को लेकर टिप्पणी की थी। मान ने…
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शुक्रवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी, जिसमें शाह ने राज्य में आम आदमी पार्टी की सरकार के भविष्य को लेकर टिप्पणी की थी। मान ने दावा किया कि सरकारें गृह मंत्री की इच्छा से नहीं, बल्कि जनता के मत से बनती हैं और आरोप लगाया कि गुजरात देश में नशीले पदार्थों का सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता बन गया है।
समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह पूरा विवाद अमित शाह के उस बयान के बाद शुरू हुआ, जिसमें उन्होंने गुरुवार को कहा था कि आगामी चुनावों में आम आदमी पार्टी पंजाब से पूरी तरह साफ हो जाएगी। शाह ने यह भी कहा था कि एनडीए की सरकार बनेगी जो 2029 तक राज्य को नशा मुक्त कर देगी। इसी बयान पर पलटवार करते हुए मुख्यमंत्री मान ने कहा, "सरकार अमित शाह की इच्छा के अनुसार नहीं बनेगी। यह पंजाब के 3.25 करोड़ लोगों की इच्छा के अनुसार बनेगी।"
गुजरात के बंदरगाहों पर उठाए सवाल
भगवंत मान ने ड्रग्स की सप्लाई को लेकर सीधे गुजरात पर निशाना साधा। उन्होंने सवाल किया, "ड्रग्स गुजरात से आ रही है... ये बंदरगाहों तक कैसे पहुंच रही हैं?" उन्होंने कहा कि बंदरगाहों पर उचित सीमा शुल्क और सुरक्षा व्यवस्था होती है, इसके बावजूद अगर 3,000 किलो की खेप वहां पहुंच रही है, तो इसका मतलब है कि गुजरात आज सबसे बड़ा सप्लायर बन गया है। मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि शाह ने खुद 20,000 करोड़ रुपये की ड्रग्स जब्त करने की बात स्वीकार की है। हालांकि, मान ने पंजाब में सीमा पार से ड्रोन के जरिए तस्करी की बात भी मानी।
पुराने ड्रग कार्टेल का ज़िक्र
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पंजाब में सबसे बड़ा ड्रग कार्टेल 2007 से 2017 के दौरान अकाली दल-भाजपा सरकार के कार्यकाल में फला-फूला। उन्होंने कहा, "बड़े तस्करों ने कई वरिष्ठ मंत्रियों के नाम लिए थे, जिनसे अब वे समझौते की बात कर रहे हैं।"
विपक्ष के प्रदर्शन पर टिप्पणी
नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या को लेकर विधानसभा में विपक्ष के प्रदर्शन पर मान ने कहा कि उनके पास कोई और मुद्दा नहीं है और वे सिर्फ हंगामा करना चाहते हैं। उन्होंने कहा, "पहले वे कहते हैं कि सत्र नहीं है और जब सत्र होता है तो उसका बहिष्कार करते हैं। उन्हें चर्चा में भाग लेना चाहिए।" उल्लेखनीय है कि मंगलवार को गृह मंत्री अमित शाह ने मानसा में झोटा के परिवार से मुलाकात कर उन्हें न्याय का आश्वासन दिया था।
इनपुट: IANS



