पीयूष गोयल ने जर्मनी में बताई भारत की ताकत, कहा — निवेश, निर्माण और नवाचार के लिए बेहतरीन मौके
भारत के केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने जर्मनी के उद्योग जगत को देश में निवेश, विनिर्माण और नवाचार के लिए आमंत्रित किया है। बर्लिन में प्रमुख जर्मन कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों से…
भारत के केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने जर्मनी के उद्योग जगत को देश में निवेश, विनिर्माण और नवाचार के लिए आमंत्रित किया है। बर्लिन में प्रमुख जर्मन कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों से मुलाकात के दौरान उन्होंने कहा कि भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) के पास मिलकर एक मजबूत आर्थिक साझेदारी बनाने का सुनहरा मौका है, जो विश्वास और आपसी क्षमताओं पर आधारित होगी।
समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, शुक्रवार को हुई इन बैठकों का उद्देश्य भारत-जर्मनी व्यापारिक संबंधों को और गहरा करना था। गोयल ने जोर देकर कहा कि जर्मन कंपनियां भारत की कुशल प्रतिभा और विश्वस्तरीय उत्पादन क्षमता का लाभ उठाकर न केवल घरेलू बाजार, बल्कि वैश्विक मांगों को भी पूरा कर सकती हैं।
स्वास्थ्य और फार्मा क्षेत्र में सहयोग पर जोर
अपनी यात्रा के दौरान, पीयूष गोयल ने स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र की दिग्गज कंपनी फ्रेसेनियस ग्रुप के सीईओ माइकल सेन से मुलाकात की। इस बैठक में भारत के तेजी से बढ़ते हेल्थकेयर सेक्टर पर चर्चा हुई, जिसमें गुणवत्तापूर्ण और किफायती चिकित्सा सेवाओं की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए सहयोग की संभावनाएं तलाशी गईं।
इसी क्रम में, उन्होंने बेयर के फार्मास्यूटिकल्स डिवीजन के अध्यक्ष स्टीफन ओएलरिख के साथ भी बातचीत की। चर्चा का मुख्य केंद्र भारत में बेयर की विस्तार योजनाएं और देश के स्वास्थ्य क्षेत्र में अधिक निवेश व नवाचार की संभावनाएं रहीं।
बुनियादी ढांचा और निर्माण में साझेदारी
केंद्रीय मंत्री ने नॉफ ग्रुप के ग्लोबल जनरल पार्टनर मुरात अकयिलदिज से भी मुलाकात की। इस दौरान भारत में कंपनी के बढ़ते विनिर्माण विस्तार पर चर्चा हुई। साथ ही, देश में तेजी से हो रहे शहरीकरण को देखते हुए टिकाऊ निर्माण सामग्री और बुनियादी ढांचा विकास के क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत करने पर भी विचार-विमर्श किया गया।
मजबूत होते भारत-जर्मनी संबंध
इससे पहले, गोयल ने जर्मन काउंसिल ऑन फॉरेन रिलेशंस (डीजीएपी) में 'इंडिया सेंटर' के उद्घाटन समारोह में भी हिस्सा लिया। उन्होंने इस केंद्र को दोनों देशों के बीच बढ़ते संबंधों और सहयोग को गहरा करने की प्रतिबद्धता का प्रतीक बताया। उन्होंने विश्वास जताया कि भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौता इस साझेदारी को और गति देगा और दोनों देश मिलकर वैश्विक स्तर पर एक मजबूत सप्लाई चेन विकसित कर सकते हैं। अपने दौरे के समापन पर, उन्होंने उम्मीद जताई कि भारत और जर्मनी के बीच व्यापारिक और आर्थिक साझेदारी आने वाले वर्षों में नई ऊंचाइयों पर पहुंचेगी।
इनपुट: IANS



