शुक्रवार, 6 नवम्बर 2026 · नई दिल्ली
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चावल की बढ़ती कीमतों पर सरकार का बड़ा एक्शन, स्टॉक की ऑनलाइन निगरानी से लेकर बिक्री बढ़ाने तक कई फैसले

देश में चावल की कीमतों को नियंत्रित करने और इसकी पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार ने कई बड़े कदम उठाए हैं। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार अब चावल और धान के…

चावल की बढ़ती कीमतों पर सरकार का बड़ा एक्शन, स्टॉक की ऑनलाइन निगरानी से लेकर बिक्री बढ़ाने तक कई फैसले
(फोटो: IANS)

देश में चावल की कीमतों को नियंत्रित करने और इसकी पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार ने कई बड़े कदम उठाए हैं। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार अब चावल और धान के स्टॉक की साप्ताहिक निगरानी करेगी और साथ ही खुले बाजार में बिक्री को भी दोगुना कर दिया गया है ताकि आपूर्ति बढ़ाई जा सके।

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शुक्रवार को जारी एक सरकारी आदेश में देशभर के व्यापारियों, थोक विक्रेताओं, खुदरा विक्रेताओं, बड़ी रिटेल चेन, प्रोसेसर्स और मिल मालिकों के लिए हर हफ्ते अपने स्टॉक की जानकारी देना अनिवार्य कर दिया गया है। इन सभी को हर शुक्रवार को सरकार के 'फूड स्टॉक पोर्टल' पर यह जानकारी अपडेट करनी होगी।

स्टॉक की सख्त निगरानी और कार्रवाई की चेतावनी

इस नए नियम के तहत, छह अलग-अलग श्रेणियों में स्टॉक का खुलासा करना होगा। इनमें बासमती चावल, प्रीमियम नॉन-बासमती, सामान्य नॉन-बासमती, पारबॉइल्ड चावल, टूटा हुआ चावल और धान शामिल हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि पोर्टल पर पंजीकरण न कराने या स्टॉक सीमा का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ 'आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955' के तहत सख्त कार्रवाई की जा सकती है।

दक्षिणी राज्यों को विशेष अधिकार

जमाखोरी रोकने के इरादे से केंद्र ने पांच दक्षिणी राज्यों — आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु और तेलंगाना — को विशेष अनुमति दी है। ये राज्य अगर चाहें तो 31 जनवरी, 2027 तक चावल और धान के लिए अपने स्तर पर स्टॉक सीमा लागू कर सकते हैं। इन राज्यों में चावल की खुदरा कीमतें ऊंची बनी हुई हैं।

आम लोगों को राहत देने के अन्य उपाय

कीमतों पर काबू पाने के लिए सरकार ने दो और महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। पहला, रियायती दर पर मिलने वाले 'भारत चावल' का आवंटन बढ़ा दिया गया है। NAFED, NCCF और केंद्रीय भंडार जैसी एजेंसियों को अतिरिक्त चावल दिया गया है ताकि वे वितरण नेटवर्क का विस्तार कर सकें। दूसरा, 'ओपन मार्केट सेल स्कीम (OMSS-Domestic)' के तहत वित्त वर्ष 2026-27 के लिए चावल की बिक्री का लक्ष्य 25 लाख मीट्रिक टन (LMT) से दोगुना करके 50 LMT कर दिया गया है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस साल 31 अक्टूबर तक इस स्कीम के तहत 25 LMT चावल बेचा जा चुका है, जो पिछले साल की इसी अवधि के 11 LMT की तुलना में दोगुने से भी ज्यादा है।

इनपुट: IANS

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