ग्रामीण युवाओं को उद्यमी बनाने की बड़ी पहल: RSETI के ज़रिए 6.35 लाख को मिलेगी ट्रेनिंग
सरकार ने इस वित्त वर्ष में देश के 6.35 लाख से ज़्यादा ग्रामीण युवाओं को स्वरोज़गार के लिए प्रशिक्षित करने का एक महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है। यह लक्ष्य ग्रामीण स्वरोज़गार प्रशिक्षण संस्थानों…
सरकार ने इस वित्त वर्ष में देश के 6.35 लाख से ज़्यादा ग्रामीण युवाओं को स्वरोज़गार के लिए प्रशिक्षित करने का एक महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है। यह लक्ष्य ग्रामीण स्वरोज़गार प्रशिक्षण संस्थानों (RSETI) के माध्यम से पूरा किया जाएगा और यह आँकड़ा 2025-26 के लिए निर्धारित लक्ष्य से भी अधिक है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देना और युवाओं के लिए स्थायी आजीविका के अवसर पैदा करना है।
इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए, ग्रामीण विकास मंत्रालय ने राष्ट्रीय रुडसेटी अकादमी के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस साझेदारी का मक़सद देश भर में फैले RSETI में प्रशिक्षण के मानकों को एक समान बनाना और उनकी गुणवत्ता सुनिश्चित करना है।
समझौते के मुख्य उद्देश्य क्या हैं?
इस साझेदारी का मुख्य ज़ोर ट्रेनिंग की गुणवत्ता और प्रासंगिकता बढ़ाने पर होगा। इसके तहत कई तकनीकी और प्रशासनिक सुधार किए जाएँगे, जिनमें शामिल हैं:
- बेहतर पंजीकरण: कौशल पंजी के माध्यम से उम्मीदवारों का पंजीकरण सुधारा जाएगा।
- पारदर्शी उपस्थिति: आधार-सक्षम बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम (AEBAS) के ज़रिए चेहरे का प्रमाणीकरण लागू किया जाएगा।
- आधुनिक पाठ्यक्रम: राष्ट्रीय कौशल योग्यता ढांचे के अनुरूप नए ज़माने के कोर्स शुरू किए जाएँगे।
- मानकीकृत प्रशिक्षण: उद्योग-मानक के अनुसार ट्रेनिंग सामग्री और उपकरणों का उपयोग किया जाएगा।
- मूल्यांकन और प्रमाणन: एक एकीकृत पोर्टल के माध्यम से प्रशिक्षुओं और प्रशिक्षकों का मूल्यांकन और सर्टिफिकेशन होगा।
एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि यह समझौता ज्ञापन RSETI इकोसिस्टम को ट्रेनिंग की गुणवत्ता, संस्थागत क्षमता और डिजिटल गवर्नेंस के माध्यम से मज़बूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
युवाओं के लिए क्या बदलेगा?
इस पहल का सीधा असर ग्रामीण युवाओं पर पड़ेगा। कौशल विकास, उद्यमिता और टिकाऊ आजीविका को आपस में जोड़कर उनकी क्षमता बढ़ाई जाएगी ताकि वे सफल उद्यम स्थापित कर सकें। मंत्रालय का मानना है कि इससे समावेशी ग्रामीण आर्थिक विकास को भी बल मिलेगा। यह समझौता ज्ञापन ग्रामीण विकास विभाग के सचिव रोहित कंसल की उपस्थिति में किया गया, जो ग्रामीण कौशल विकास में RSETI की भूमिका को और मज़बूत करेगा।
इनपुट: IANS



