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दिल्ली: महिला सुरक्षा पर DU में छात्रों का उबाल, सड़कों पर उतरे हज़ारों विद्यार्थी

दिल्ली में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों को लेकर दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) के छात्रों का गुस्सा सड़कों पर उतर आया है। हाल ही में कालकाजी इलाके में एक नाबालिग से हुए सामूहिक बलात्कार की घटना के बाद…

दिल्ली: महिला सुरक्षा पर DU में छात्रों का उबाल, सड़कों पर उतरे हज़ारों विद्यार्थी
(फोटो: IANS)

दिल्ली में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों को लेकर दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) के छात्रों का गुस्सा सड़कों पर उतर आया है। हाल ही में कालकाजी इलाके में एक नाबालिग से हुए सामूहिक बलात्कार की घटना के बाद यह विरोध प्रदर्शन और तेज़ हो गया है, जिसमें हज़ारों छात्र शामिल होकर सरकार से जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।

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समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, यह छात्र आंदोलन दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर लंबे समय से चली आ रही चिंताओं का नतीजा है। छात्रों का सवाल है कि आखिर क्यों महिलाएं राजधानी में बिना किसी डर के कहीं भी आ-जा नहीं सकतीं।

सड़कों पर गूंजे तीखे नारे

इस विरोध प्रदर्शन में श्यामा प्रसाद मुखर्जी कॉलेज, मिरांडा हाउस, लेडी श्रीराम कॉलेज (LSR), कमला नेहरू और गार्गी कॉलेज समेत कई संस्थानों के छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में हिस्सा ले रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने अपनी बात रखने के लिए व्यंग्यात्मक और रचनात्मक नारों व पोस्टरों का सहारा लिया है, जो लोगों का ध्यान खींच रहे हैं। इनमें 'पितृसत्ता को खत्म करो' जैसे सीधे संदेशों के साथ-साथ "1 कचौरी, 2 समोसा, इन मर्दों का क्या भरोसा" जैसे नारे भी शामिल हैं।

'सरकार ज़िम्मेदारी ले, हमें आज़ादी से घूमने का हक़ दे'

प्रदर्शन में शामिल एक छात्रा ने एजेंसी से कहा, "हम चाहते हैं कि सरकार दुष्कर्म की सभी घटनाओं की जिम्मेदारी ले। सुरक्षित तरीके से बाहर घूमना हमारा अधिकार है और हम इसी अधिकार की मांग करने यहां आए हैं।" एक अन्य प्रदर्शनकारी ने सवाल उठाया कि यौन हिंसा के डर से महिलाओं को घरों में क्यों सीमित रहना चाहिए? उन्होंने कहा, "अगर यहां लड़कियां सुरक्षित होतीं, तो कालकाजी में सामूहिक दुष्कर्म की घटना नहीं होती। हम कब तक घर के अंदर रहेंगे?"

छात्रों ने आरोप लगाया है कि सरकार महिला सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने में नाकाम रही है। एक छात्रा के अनुसार, "हम आजादी से चलना-फिरना चाहते हैं। हम दुष्कर्म के आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई चाहते हैं।"

छोटे विरोध से बना बड़ा आंदोलन

शुरुआत में यह विरोध प्रदर्शन अलग-अलग महिला कॉलेजों तक सीमित था, लेकिन जल्द ही यह पूरे विश्वविद्यालय का एक बड़ा आंदोलन बन गया। 28 सितंबर को सैकड़ों छात्र पहले फैकल्टी ऑफ आर्ट्स में जमा हुए और उसके बाद हज़ारों की संख्या में नॉर्थ कैंपस में मार्च निकाला। इसे हाल के वर्षों में दिल्ली विश्वविद्यालय में महिला सुरक्षा के मुद्दे पर हुए सबसे बड़े छात्र प्रदर्शनों में से एक माना जा रहा है।

इनपुट: IANS

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News4Social दिल्ली डेस्क

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