शनिवार, 17 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली
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एथेनॉल उत्पादन पर सरकार का बड़ा फैसला, चीनी और गन्ने के रस के इस्तेमाल पर रोक

कमजोर मानसून के कारण गन्ने की फसल पर पड़े असर को देखते हुए केंद्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, सरकार ने तेल कंपनियों को चीनी, गन्ने के रस, शुगर सिरप…

एथेनॉल उत्पादन पर सरकार का बड़ा फैसला, चीनी और गन्ने के रस के इस्तेमाल पर रोक
(फोटो: IANS)

कमजोर मानसून के कारण गन्ने की फसल पर पड़े असर को देखते हुए केंद्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, सरकार ने तेल कंपनियों को चीनी, गन्ने के रस, शुगर सिरप और बी-हेवी शीरे से बनने वाले एथेनॉल की खरीद रोकने का निर्देश दिया है। यह फैसला देश में चीनी की कीमतों को स्थिर रखने और उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है।

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यह नया नियम 1 नवंबर से शुरू होने वाले नए आपूर्ति वर्ष से प्रभावी होगा। सरकार के इस निर्देश के बाद, इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम समेत पांच सरकारी तेल रिफाइनरियों ने संयुक्त रूप से लगभग 1,100 करोड़ लीटर एथेनॉल की खरीद के लिए एक नया टेंडर जारी किया है। इस टेंडर में स्पष्ट किया गया है कि चीनी और उससे जुड़े मुख्य उत्पादों से बने एथेनॉल के लिए कोई प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया जाएगा।

वैकल्पिक स्रोतों से होगी एथेनॉल की खरीद

पेट्रोल में मिश्रण के लिए एथेनॉल की जरूरतें अब अन्य स्रोतों से पूरी की जाएंगी। नए टेंडर के मुताबिक, आपूर्तिकर्ता अब सी-हेवी शीरे, खराब हो चुके अनाज, भारतीय खाद्य निगम (FCI) से खरीदे गए अतिरिक्त चावल और मक्के से बने एथेनॉल की आपूर्ति कर सकते हैं। यह कदम भारत की आयातित तेल पर निर्भरता कम करने के लक्ष्य के साथ भी जुड़ा है, जिसके लिए एथेनॉल एक महत्वपूर्ण घटक है।

कमजोर मानसून का असर

भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा चीनी उत्पादक है, लेकिन इस साल अल नीनो के प्रभाव से देश में एक दशक से भी ज़्यादा समय में सबसे कम बारिश हुई है। इस वजह से गन्ने की पैदावार प्रभावित हुई है, जिससे चीनी उत्पादन में कमी आने की आशंका है। इसी संभावित कमी को देखते हुए सरकार ने यह कदम उठाया है। इसके अलावा, चीनी मिलों को राहत देते हुए सरकार ने उन्हें अक्टूबर 2026 में उत्पादित चीनी को उसी साल अक्टूबर और नवंबर में बेचने की अनुमति दी है, जो उनके नियमित मासिक कोटे के अतिरिक्त होगी।

इनपुट: IANS

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News4Social बिज़नेस डेस्क

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