भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को बड़ा impulso, सरकार ने 7,500 करोड़ की 12 नई परियोजनाओं को दी हरी झंडी
भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को और मजबूत बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। शुक्रवार को 'इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग स्कीम' (ECMS) के तहत 12 नई…
भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को और मजबूत बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। शुक्रवार को 'इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग स्कीम' (ECMS) के तहत 12 नई परियोजनाओं को मंजूरी दी गई, जिनमें 7,500 करोड़ रुपए से अधिक के निवेश का प्रस्ताव है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस पहल का मकसद देश में कंपोनेंट इकोसिस्टम को बढ़ावा देना और आयात पर निर्भरता कम करना है।
आईटी सचिव एस. कृष्णन ने बताया कि हाल ही में दी गई इन मंजूरियों से इलेक्ट्रॉनिक्स वैल्यू चेन का दायरा और बढ़ गया है। इन परियोजनाओं में सिर्फ इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स ही नहीं, बल्कि कच्चे माल (materials) और कैपिटल गुड्स (manufacturing equipment) से जुड़े प्रोजेक्ट्स भी शामिल हैं। यह सरकार की उस रणनीति का हिस्सा है जिसके तहत स्थानीय स्तर पर मूल्यवर्धन (value addition) को बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
घरेलू उत्पादन और आत्मनिर्भरता पर फोकस
सरकार की यह कोशिश इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग के लिए एक आत्मनिर्भर घरेलू इकोसिस्टम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण गति प्रदान करती है। नीति निर्माता अब कंपोनेंट्स के उत्पादन से आगे बढ़कर मैन्युफैक्चरिंग उपकरणों जैसे अपस्ट्रीम क्षेत्रों को भी मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। ECMS स्कीम, भारत को एक ग्लोबल इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में स्थापित करने की व्यापक पहल का एक अहम हिस्सा है।
इसी क्रम में, सरकार ने शुक्रवार को 'सेमीकॉन इंडिया प्रोग्राम' के तहत 'सेमीकॉन 2.0' वेब एप्लिकेशन पोर्टल भी लॉन्च किया।
बड़े लक्ष्य और बढ़ता उत्पादन
इस साल की शुरुआत में जारी एक आधिकारिक फैक्टशीट के मुताबिक, भारत का लक्ष्य 2030 तक 500 अरब डॉलर का घरेलू इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम तैयार करना है। इसके साथ ही, 150 अरब डॉलर का इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात हासिल करने का भी लक्ष्य रखा गया है।
सरकारी आंकड़ों से पता चलता है कि देश का इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन 2014-15 में 1.9 लाख करोड़ रुपए था, जो 2025-26 में बढ़कर 13.11 लाख करोड़ रुपए हो गया है। इसी अवधि में इलेक्ट्रॉनिक्स का निर्यात भी लगभग 38,000 करोड़ रुपए से बढ़कर 4.24 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। सरकार के अनुसार, यह निरंतर वृद्धि भविष्य के लक्ष्यों के लिए एक मजबूत आधार तैयार करती है और अब प्राथमिकता इकोसिस्टम को और गहरा करने की है।
इनपुट: IANS



