आंध्र प्रदेश: चंद्रबाबू नायडू ने कहा- गोदावरी-कावेरी लिंक दक्षिणी राज्यों को सूखे से दिलाएगा मुक्ति
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने दक्षिण भारत के राज्यों में सूखे की समस्या के समाधान के लिए एक अहम सुझाव दिया है। सोमवार को उन्होंने कहा कि गोदावरी और कावेरी नदियों को आपस में…
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने दक्षिण भारत के राज्यों में सूखे की समस्या के समाधान के लिए एक अहम सुझाव दिया है। सोमवार को उन्होंने कहा कि गोदावरी और कावेरी नदियों को आपस में जोड़ने से इस क्षेत्र को सूखे से मुक्ति मिल सकती है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, नायडू ने इस बात पर अफसोस जताया कि सूखे के हालात के बावजूद करीब 2,000 टीएमसी पानी बहकर समुद्र में चला जाता है।
कडपा जिले के प्रोद्दतूर में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि अगर गोदावरी के बाढ़ के पानी का सिर्फ 200 टीएमसी हिस्सा भी रायलसीमा इलाके की ओर मोड़ दिया जाए, तो यह क्षेत्र हरियाली और फसलों से लहलहा उठेगा। उन्होंने अपनी सरकार की पिछली उपलब्धि को याद दिलाते हुए कहा कि गोदावरी और कृष्णा नदियों को आपस में जोड़ने का काम उन्हीं के कार्यकाल में हुआ था।
जल जीवन मिशन और नई सिंचाई परियोजनाएं
मुख्यमंत्री ने डिप्टी सीएम पवन कल्याण और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पीवीएन माधव के साथ मिलकर 30,136 करोड़ रुपये की लागत वाले 'जल जीवन मिशन' और 'अमरजीवी जलधारा' कार्यक्रमों का शिलान्यास किया। इसका मुख्य उद्देश्य हर घर तक नल से पानी का कनेक्शन पहुंचाना है। नायडू ने कहा, "हम 90 लाख घरों, 48,000 ग्रामीण इलाकों और 3.30 करोड़ लोगों तक पानी पहुंचाने के लिए कदम उठा रहे हैं।"
इसके अलावा, उन्होंने राज्य में सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने बताया कि अगले तीन सालों में 35,000 करोड़ रुपये की लागत से 36 सिंचाई परियोजनाओं को शुरू किया जाएगा, जिसका शेड्यूल सरकार पहले ही जारी कर चुकी है। उन्होंने पोलावरम प्रोजेक्ट को गोदावरी पुष्करम से पहले पूरा करने का वादा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसे राष्ट्र को समर्पित करेंगे।
पिछली सरकार पर लापरवाही का आरोप
इस अवसर पर मुख्यमंत्री नायडू ने पिछली वाईएसआर कांग्रेस पार्टी की सरकार की कड़ी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने जल जीवन मिशन को कमजोर किया। उन्होंने तुलना करते हुए कहा, "जहां उत्तर प्रदेश (1 लाख करोड़ रुपए), मध्य प्रदेश (83,000 करोड़ रुपए) और केरल (85,000 करोड़ रुपए) जैसे राज्यों को केंद्र से भारी फंड मिला, वहीं पिछली सरकार सिर्फ 2,600 करोड़ रुपए हासिल करके आंध्र प्रदेश का नुकसान कर बैठी।" उन्होंने कहा कि पिछली सरकार की नाकामी और लापरवाही के कारण गांवों में सड़क, स्ट्रीट लाइट और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव रहा।
विकास की नई नींव
चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि गठबंधन सरकार ने पक्के इरादे और केंद्र के सहयोग से पिछले 28 महीनों में राज्य के पुनर्निर्माण के लिए एक मजबूत नींव रखी है। उन्होंने बताया कि पिछले सात दिनों में ही गांवों और कस्बों के विकास के लिए नौ कार्यक्रम शुरू किए गए हैं। नायडू ने 'पल्ले पांडुगा' पहल का जिक्र करते हुए कहा कि इसके तहत गांवों में सड़कों, नालियों और स्ट्रीटलाइट जैसी सुविधाओं के लिए 11,085 करोड़ रुपये के काम किए गए हैं। उन्होंने 2029 तक हर परिवार को घर देने के लक्ष्य की भी बात की, जिसके तहत 19 लाख घर बनाए जाएंगे।
इनपुट: IANS



