सोमवार, 2 नवम्बर 2026 · नई दिल्ली
दुनिया

अमेरिकी मध्यावधि चुनाव: गवर्नर से लेकर मेयर तक, 57 भारतवंशी उम्मीदवार मैदान में

अमेरिका में मंगलवार को होने वाले मध्यावधि चुनावों में भारतीय मूल के उम्मीदवारों की अभूतपूर्व भागीदारी देखने को मिल रही है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस बार अलग-अलग राजनीतिक पदों के…

अमेरिकी मध्यावधि चुनाव: गवर्नर से लेकर मेयर तक, 57 भारतवंशी उम्मीदवार मैदान में
(फोटो: IANS)

अमेरिका में मंगलवार को होने वाले मध्यावधि चुनावों में भारतीय मूल के उम्मीदवारों की अभूतपूर्व भागीदारी देखने को मिल रही है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस बार अलग-अलग राजनीतिक पदों के लिए कम से कम 57 भारतवंशी अपनी चुनावी किस्मत आजमा रहे हैं। यह संख्या अमेरिकी राजनीति में इस समुदाय की बढ़ती राजनीतिक महत्वाकांक्षा और प्रभाव को दर्शाती है।

विज्ञापन

ये उम्मीदवार गवर्नर, सीनेटर, मेयर जैसे अहम पदों से लेकर राज्य और स्थानीय स्तर की भूमिकाओं के लिए चुनाव लड़ रहे हैं। इनमें एक सीनेट, 11 प्रतिनिधि सभा, तीन राज्यव्यापी पद, 36 राज्य विधानमंडल और छह स्थानीय पदों के प्रत्याशी शामिल हैं। एजेंसी ने अपनी सूची में केवल उन्हीं उम्मीदवारों को जगह दी है जिनके भारतीय मूल के होने की पुष्टि हो सकी है। इसके अलावा 15 अन्य संभावित उम्मीदवारों को पुष्टि न होने के कारण सूची से बाहर रखा गया है।

प्रमुख चेहरे और मुकाबले

इस चुनाव में सबसे ज़्यादा ध्यान ओहायो के गवर्नर पद पर है, जहाँ रिपब्लिकन पार्टी के विवेक रामास्वामी का मुकाबला डेमोक्रेटिक उम्मीदवार एमी एक्टन से है। फिफ्टीप्लसवन के पोलिंग औसत में एक्टन को लगभग तीन अंकों की मामूली बढ़त हासिल है। वहीं, लॉस एंजिलिस में सिटी काउंसिल सदस्य नित्या रमन मेयर पद के लिए मौजूदा मेयर करेन बास को टक्कर दे रही हैं। एक संयुक्त सर्वेक्षण के मुताबिक, दोनों को 40-40 प्रतिशत समर्थन मिला है, जबकि 19% मतदाता अब भी अनिर्णीत हैं।

अन्य महत्वपूर्ण मुकाबलों में न्यूयॉर्क में अटॉर्नी जनरल पद के लिए रिपब्लिकन सरिता कोमाटिरेड्डी, मैरीलैंड में लेफ्टिनेंट गवर्नर पद के लिए डेमोक्रेट अरुणा मिलर और मैसाचुसेट्स में सीनेट के लिए निर्दलीय उम्मीदवार शिवा अय्यादुरई शामिल हैं।

प्रतिनिधि सभा में भारतवंशियों की टक्कर

अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के लिए भी 11 भारतीय मूल के उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनमें चार मौजूदा डेमोक्रेटिक सांसद—रो खन्ना, अमी बेरा, प्रमिला जयपाल और सुहास सुब्रमण्यम—शामिल हैं। इस बार दो सीटों पर मुकाबला दिलचस्प है क्योंकि यहाँ दोनों प्रमुख पार्टियों के उम्मीदवार भारतवंशी ही हैं। कैलिफोर्निया में रो खन्ना का सामना रिपब्लिकन रितेश टंडन से है, जबकि वाशिंगटन में प्रमिला जयपाल के सामने रिपब्लिकन निरव शेठ हैं। चुनावी आकलनों में इन दोनों सीटों को डेमोक्रेटिक पार्टी के लिए सुरक्षित माना जा रहा है।

चुनाव प्रचार और फंडिंग

चुनाव के अंतिम चरण में प्रचार के लिए फंडिंग भी तेज़ हो गई है। फेडरल इलेक्शन कमीशन (FEC) के दस्तावेजों के मुताबिक, फ्लोरिडा में पिया दांडिया के समर्थन में एक सुपर PAC ने टेक्स्ट संदेशों पर लगभग 14,000 डॉलर खर्च किए, जिससे उनका कुल समर्थन खर्च 2.20 लाख डॉलर हो गया। वहीं, एरिजोना में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार अमीश शाह के अभियान को 25 से 30 अक्टूबर के बीच लगभग एक लाख डॉलर का चंदा मिला। ये आंकड़े उम्मीदवारों द्वारा दी गई जानकारी पर आधारित हैं।

इन बड़े चुनावों के अलावा राज्य विधानमंडलों के लिए 22 राज्यों से 36 और स्थानीय निकायों के लिए छह भारतीय-अमेरिकी उम्मीदवार भी मैदान में हैं, जो अमेरिकी राजनीति के हर स्तर पर इस समुदाय की बढ़ती उपस्थिति का संकेत है।

इनपुट: IANS

N

News4Social इंटरनेशनल डेस्क

News4Social इंटरनेशनल डेस्क — IANS समेत लाइसेंस-प्राप्त समाचार एजेंसियों की फीड से अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम से जुड़ी ताज़ा व प्रामाणिक खबरें संपादकीय समीक्षा के बाद प्रकाशित करता है। हर खबर उसके स्रोत के श्रेय (credit) के साथ दी जाती है। सभी लेख देखें →

आगे पढ़ें

और देखें →