केरल: जज के नाबालिग बेटे से जुड़े मर्सिडीज हादसे में नया मोड़, सबूत मिटाने का भी आरोप
केरल के चर्चित मर्सिडीज-बेंज दुर्घटना मामले में एक नया घटनाक्रम सामने आया है, जिसमें पुलिस ने आरोपी जज के खिलाफ सबूत मिटाने का एक और आरोप जोड़ा है। यह मामला एक जज के 17 वर्षीय नाबालिग बेटे द्वारा…
केरल के चर्चित मर्सिडीज-बेंज दुर्घटना मामले में एक नया घटनाक्रम सामने आया है, जिसमें पुलिस ने आरोपी जज के खिलाफ सबूत मिटाने का एक और आरोप जोड़ा है। यह मामला एक जज के 17 वर्षीय नाबालिग बेटे द्वारा स्कूटर सवार को टक्कर मारने से जुड़ा है, जिसमें 55 वर्षीय जयाबालकृष्णन की मौत हो गई थी। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने अब भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 238 भी मामले में शामिल कर ली है।
यह धारा किसी अपराध से जुड़े सबूतों को मिटाने या गायब करने के प्रयास से संबंधित है। पुलिस का यह कदम मृतक जयाबालकृष्णन के परिवार द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद उठाया गया है। परिवार का कहना था कि दुर्घटना के बाद सबूतों को नष्ट करने की कोशिश की गई थी। जयाबालकृष्णन सड़क किनारे एक भोजनालय चलाते थे।
जांच क्राइम ब्रांच को, सुनवाई 'इन-कैमरा'
मामले की गंभीरता को देखते हुए कोच्चि सिटी पुलिस कमिश्नर आर. निशांतिनी के निर्देश पर अब इसकी जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई है। वहीं, एर्नाकुलम प्रिंसिपल सेशंस कोर्ट ने आदेश दिया है कि मामले की आगे की पूरी कार्यवाही 'इन-कैमरा' यानी बंद कमरे में होगी। अदालत ने यह फैसला मामले की प्रकृति और सबूतों की सुरक्षा की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए लिया है।
अभियोजन और पीड़ित परिवार में मतभेद
इस मामले में अभियोजन पक्ष और पीड़ित परिवार के बीच भी मतभेद उभरकर सामने आए हैं। परिवार ने सरकारी वकील (पब्लिक प्रॉसिक्यूटर) पर खामियों का आरोप लगाते हुए उन्हें हटाने की मांग की थी। दूसरी ओर, अभियोजन पक्ष ने परिवार पर जांच में सहयोग न करने और मीडिया को गुमराह करने वाली जानकारी देने का आरोप लगाया। इस पर अदालत ने परिवार से कहा है कि सरकारी वकील के खिलाफ किसी भी शिकायत को उचित प्रक्रिया के तहत ही अदालत के सामने रखा जाना चाहिए।
यह दुर्घटना कंटेनर रोड पर हुई थी, जहां एक मर्सिडीज-बेंज कार ने स्कूटर को टक्कर मार दी थी। इस मामले में पीड़ित परिवार लगातार निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है। घटना के बाद मुख्यमंत्री वीडी सतीशन, पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन और गृह मंत्री रमेश चेन्नीथला समेत कई हाई-प्रोफाइल हस्तियों ने पीड़ित के घर का दौरा किया था।
इनपुट: IANS



