मेघालय: सेप्टिक टैंक में ज़हरीली गैस? असम के 4 मज़दूरों की दर्दनाक मौत
मेघालय के साउथ गारो हिल्स ज़िले में एक निर्माणाधीन सेप्टिक टैंक चार मज़दूरों के लिए मौत का कुआँ बन गया। माना जा रहा है कि टैंक के अंदर बनी ज़हरीली गैस की चपेट में आने से चारों की मौत हो गई। समाचार…
मेघालय के साउथ गारो हिल्स ज़िले में एक निर्माणाधीन सेप्टिक टैंक चार मज़दूरों के लिए मौत का कुआँ बन गया। माना जा रहा है कि टैंक के अंदर बनी ज़हरीली गैस की चपेट में आने से चारों की मौत हो गई। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह हादसा रंगदोकराम गाँव में हुआ, जहाँ ये मज़दूर एक घर में निर्माण कार्य के लिए असम से आए थे।
मृतकों की पहचान असम के दक्षिण सालमारा-मनकाचर ज़िले के रहने वाले मोफ़िदुर रहमान (34), अज़ियर रहमान (41), इस्माइल हुसैन (20) और रकीब हुसैन (22) के रूप में हुई है। ये सभी सेबेस्टियन सीएच संगमा के घर पर एक नए बने सेप्टिक टैंक से जुड़ा काम कर रहे थे।
कैसे हुआ यह दर्दनाक हादसा?
शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक, दो मज़दूरों ने जैसे ही ज़मीन के नीचे बने टैंक का ढक्कन खोला, वे अंदर से निकली गैस के संपर्क में आते ही गिर पड़े। उन्हें बचाने के लिए दौड़े दो अन्य साथी भी उसी ज़हरीली गैस की चपेट में आ गए और बेहोश हो गए।
सूचना मिलने पर पुलिस और दमकल विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुँचे, लेकिन बचाव कार्य बेहद चुनौतीपूर्ण था। टैंक ज़मीन के नीचे होने के कारण पीड़ितों तक पहुँचना मुश्किल हो रहा था। बचाव दल को मज़दूरों तक पहुँचने के लिए टैंक के चारों ओर की मिट्टी खोदनी पड़ी। इस अभियान के दौरान दो दमकलकर्मी भी गैस के असर से बेहोश हो गए, जिन्हें तुरंत चिकित्सा सहायता दी गई। दुर्भाग्य से, चारों मज़दूरों को बचाया नहीं जा सका और उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
हादसे की वजह और जांच
विशेषज्ञों का मानना है कि सेप्टिक टैंक में हाइड्रोजन सल्फाइड और मीथेन जैसी गैसें बन सकती हैं, जो अधिक मात्रा में जानलेवा साबित होती हैं। शुरुआती जांच में आशंका जताई गई है कि टैंक में हवा की निकासी या सोक पिट की उचित व्यवस्था नहीं थी, जिस कारण ज़हरीली गैसें अंदर जमा हो गईं।
हालांकि, अधिकारियों ने अभी तक गैस के प्रकार या मौत के असल कारण की पुष्टि नहीं की है। इस दुखद घटना के सही कारणों का पता लगाने के लिए आगे की जांच जारी है। यह हादसा एक बार फिर बंद जगहों पर बिना सुरक्षा उपकरणों और पर्याप्त वेंटिलेशन के काम करने के गंभीर ख़तरों को उजागर करता है।
इनपुट: IANS



