रविवार, 18 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली
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ओडिशा: वन विभाग में ₹65 लाख से ज़्यादा का गबन, वरिष्ठ क्लर्क समेत तीन गिरफ़्तार

ओडिशा के ढेंकनाल ज़िले में वन विभाग के एक वरिष्ठ लिपिक और उसके दो सहयोगियों को सरकारी खजाने में 65.90 लाख रुपये से अधिक की हेराफेरी के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। राज्य के सतर्कता विभाग ने रविवार…

ओडिशा: वन विभाग में ₹65 लाख से ज़्यादा का गबन, वरिष्ठ क्लर्क समेत तीन गिरफ़्तार
(फोटो: IANS)

ओडिशा के ढेंकनाल ज़िले में वन विभाग के एक वरिष्ठ लिपिक और उसके दो सहयोगियों को सरकारी खजाने में 65.90 लाख रुपये से अधिक की हेराफेरी के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। राज्य के सतर्कता विभाग ने रविवार को यह कार्रवाई की। आरोपियों पर 2016 से 2026 के बीच योजनाबद्ध तरीके से धोखाधड़ी कर सरकारी पैसे का दुरुपयोग करने का आरोप है।

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समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, गिरफ्तार किए गए लोगों में ढेंकनाल के मंडलीय वन अधिकारी (DFO) कार्यालय में तैनात वरिष्ठ लिपिक सुजीत कुमार जेना, वन विभाग के कर्मचारी सौम्य रंजन बेहरा और रश्मि रंजन स्वैन शामिल हैं। सतर्कता विभाग ने इसे गबन के मामले में एक बड़ी सफलता बताया है।

कैसे हुआ धोखाधड़ी का खुलासा?

सतर्कता अधिकारियों ने 2016 से 2026 तक के वित्तीय लेन-देन की विस्तृत जांच की, जिसमें इस सुनियोजित धोखाधड़ी का पर्दाफाश हुआ। जांच में पाया गया कि मुख्य आरोपी सुजीत कुमार जेना ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए सरकारी धन को सीधे अपने, अपने परिवार के सदस्यों और सहयोगियों के निजी बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिया।

आधिकारिक बयान के मुताबिक, यह हेराफेरी कई तरीकों से की गई। इसमें बर्खास्त और फरार कर्मचारियों के वेतन, सेवानिवृत्त कर्मचारियों के बकाया, अस्थायी पेंशन और यात्रा भत्ते (TA) जैसे मदों में फर्जी दावे पेश कर सरकारी पैसा निकाला गया।

किसके खाते में कितना पैसा गया?

एजेंसी के हवाले से बताया गया है कि जांच के दौरान यह पता चला कि आरोपी जेना ने 8,72,520 रुपये अपनी मां के बैंक खाते में भेजे थे। इसके अलावा, हाथी दस्ते में तैनात वन कर्मचारी सौम्य रंजन बेहरा के खाते में 10,48,866 रुपये और करीबी सहयोगी रश्मि रंजन स्वैन के खाते में 8,86,193 रुपये ट्रांसफर किए गए थे।

मामला सामने आने के बाद से तीनों आरोपी गिरफ्तारी से बच रहे थे। सतर्कता विभाग ने बताया कि तकनीकी खुफिया जानकारी और मोबाइल लोकेशन की निगरानी के आधार पर उन्हें पकड़ा जा सका। तीनों को रविवार को ढेंकनाल में सतर्कता मामलों के विशेष न्यायाधीश की अदालत में पेश किया गया। इस संबंध में कटक सतर्कता थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

इनपुट: IANS

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News4Social क्राइम डेस्क

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