शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली
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भारत-अमेरिका व्यापार समझौता अंतिम दौर में, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जताई जल्द अंतिम रूप देने की उम्मीद

भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) पर चल रही बातचीत अब अपने अंतिम चरण में पहुँच गई है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस समझौते को जल्द से जल्द अंतिम रूप देने…

भारत-अमेरिका व्यापार समझौता अंतिम दौर में, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जताई जल्द अंतिम रूप देने की उम्मीद
(फोटो: IANS)

भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) पर चल रही बातचीत अब अपने अंतिम चरण में पहुँच गई है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस समझौते को जल्द से जल्द अंतिम रूप देने की वकालत की है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, उन्होंने कहा कि इसका पूरा होना न केवल दोनों देशों के आर्थिक संबंधों के लिए, बल्कि वैश्विक व्यापार के लिए भी हितकारी होगा।

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बैंकॉक में अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) और विश्व बैंक की वार्षिक बैठकों के मौके पर अटलांटिक काउंसिल के साथ एक बातचीत के दौरान सीतारमण ने यह बात कही। उन्होंने वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के हालिया बयान का भी जिक्र किया, जिसमें गोयल ने उम्मीद जताई थी कि यह समझौता जल्द ही हस्ताक्षर के लिए तैयार हो जाएगा।

भारत की आर्थिक स्थिरता

वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारत की आर्थिक स्थिति पर बात करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि देश ने मजबूत आर्थिक वृद्धि बनाए रखी है। उन्होंने कहा, "तमाम चुनौतियों के बावजूद भारत अपनी विकास दर को बनाए रखने में सफल रहा है। वास्तव में, कोविड के बाद पिछले चार-पांच वर्षों से हम दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल रहे हैं।"

सीतारमण ने इस प्रदर्शन का श्रेय सरकार की समावेशी विकास नीतियों, कौशल विकास में किए गए निवेश और वित्तीय अनुशासन को दिया। उन्होंने जोर देकर कहा, "हम इस बात को लेकर पूरी तरह जागरूक हैं कि सार्वजनिक धन के उपयोग को लेकर हमारी जिम्मेदारी है। इसलिए हम यह अच्छी तरह समझते हैं कि अर्थव्यवस्था के कमजोर वर्गों की मदद करते हुए भी हमें अनियंत्रित खर्च नहीं करना चाहिए।"

समझौते पर अन्य प्रमुख बयान

वित्त मंत्री के बयान से एक दिन पहले, वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने जानकारी दी थी कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की पहली खेप को अंतिम रूप दिया जा चुका है और फिलहाल उसका कानूनी मसौदा तैयार किया जा रहा है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया था कि यह समझौता तभी लागू होगा जब भारत को समान प्रतिस्पर्धी अर्थव्यवस्थाओं के मुकाबले पर्याप्त प्रतिस्पर्धात्मक लाभ सुनिश्चित हो जाएगा।

इसी क्रम में, भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने भी गुरुवार को कहा था कि प्रस्तावित समझौते का एक व्यापक ढांचा तैयार है और दोनों देश इसे जल्द अंतिम रूप देने के बेहद करीब हैं।

इनपुट: IANS

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News4Social राजनीति डेस्क

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