शनिवार, 24 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली
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ब्रिटेन के नागरिकों से साइबर ठगी: ED ने कोलकाता में 3.72 करोड़ की संपत्ति ज़ब्त की

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने ब्रिटेन के नागरिकों, विशेषकर बुजुर्गों को निशाना बनाने वाले एक अंतरराष्ट्रीय साइबर धोखाधड़ी गिरोह पर बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने इस मामले में कोलकाता स्थित एक फ्लैट और एक…

ब्रिटेन के नागरिकों से साइबर ठगी: ED ने कोलकाता में 3.72 करोड़ की संपत्ति ज़ब्त की
(फोटो: IANS)

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने ब्रिटेन के नागरिकों, विशेषकर बुजुर्गों को निशाना बनाने वाले एक अंतरराष्ट्रीय साइबर धोखाधड़ी गिरोह पर बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने इस मामले में कोलकाता स्थित एक फ्लैट और एक प्लॉट समेत कुल 3.72 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति को अस्थायी रूप से ज़ब्त कर लिया है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 के प्रावधानों के तहत की गई है।

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ईडी के एक अधिकारी ने अपने बयान में बताया कि यह मामला अनिक दत्ता और उसके साथियों के खिलाफ चल रही जांच का हिस्सा है। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर स्थित साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में दत्ता, आकाश गुप्ता, आदित्य मिश्रा व अन्य के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की विभिन्न धाराओं में दर्ज FIR के आधार पर ED ने अपनी जांच शुरू की थी।

ऐसे दिया जाता था ठगी को अंजाम

जांच में यह बात सामने आई कि आरोपी पहले रांची में 'ग्लोबर्ड कंसल्टेंसी प्राइवेट लिमिटेड' और बाद में गोरखपुर में 'जुबिलेट इन्फो प्राइवेट लिमिटेड' के नाम से फर्जी कॉल सेंटर चलाते थे। इन कॉल सेंटरों में कर्मचारियों को खास तौर पर ब्रिटेन के नागरिकों को निशाना बनाने की ट्रेनिंग दी जाती थी।

एजेंसी के अनुसार, ये धोखेबाज़ खुद को 'बीटी ओपनरीच' का प्रतिनिधि बताते थे और फर्जी विदेशी नामों का इस्तेमाल करते थे। वे पीड़ितों को इंटरनेट स्पीड बढ़ाने का झांसा देकर 'एनीडेस्क' और 'क्विक असिस्ट' जैसे रिमोट एक्सेस सॉफ्टवेयर डाउनलोड करने के लिए कहते थे। इससे वे पीड़ितों के डिवाइस और बैंकिंग डिटेल्स पर पूरा नियंत्रण हासिल कर लेते थे।

साइबर हमले का डर दिखाकर वसूलते थे पैसे

एक बार एक्सेस मिलने के बाद, पीड़ितों को यह कहकर डराया जाता था कि उनके इंटरनेट कनेक्शन पर साइबर हमला हुआ है और ब्रिटेन की 'एक्शन फ्रॉड' संस्था में मामला दर्ज हो गया है। इसके बाद, गिरोह के सीनियर सुपरवाइजर खुद को 'एक्शन फ्रॉड' का अधिकारी बताकर पीड़ितों को अपने बताए बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर करने के लिए मजबूर कर देते थे।

IANS के अनुसार, ज़ब्त की गई 3.72 करोड़ रुपये की संपत्ति में कोलकाता का प्लॉट-फ्लैट, बैंक खातों में जमा राशि और कुछ बीमा पॉलिसियां शामिल हैं। ED का कहना है कि अनिक दत्ता और उसके एक साथी ने इस तरीके से कुल 7 करोड़ रुपये की अवैध कमाई की है। इस रकम को 'वेस्टर्न यूनियन' और 'मनीग्राम' जैसी सेवाओं के साथ-साथ हवाला चैनलों के जरिए भारत, बांग्लादेश और थाईलैंड भेजा जाता था।

इनपुट: IANS

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News4Social क्राइम डेस्क

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