शुक्रवार, 9 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली
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फडणवीस का कांग्रेस पर पलटवार, सिब्बल का पुराना वीडियो दिखाकर पूछा- अब SIR पर दोहरा रवैया क्यों?

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने वोटर लिस्ट की एसआईआर प्रक्रिया का विरोध कर रही कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधा है। उन्होंने कांग्रेस के नेतृत्व वाली पिछली यूपीए सरकार के दौरान तत्कालीन…

फडणवीस का कांग्रेस पर पलटवार, सिब्बल का पुराना वीडियो दिखाकर पूछा- अब SIR पर दोहरा रवैया क्यों?
(फोटो: IANS)

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने वोटर लिस्ट की एसआईआर प्रक्रिया का विरोध कर रही कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधा है। उन्होंने कांग्रेस के नेतृत्व वाली पिछली यूपीए सरकार के दौरान तत्कालीन कानून मंत्री कपिल सिब्बल का एक पुराना संसदीय वीडियो साझा किया है, जिसमें सिब्बल इसी प्रक्रिया का समर्थन करते दिख रहे हैं। फडणवीस ने कांग्रेस पर राजनीतिक सुविधा के हिसाब से अपना रुख बदलने का आरोप लगाया है।

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यह पूरा विवाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के नेतृत्व में चुनाव आयोग और एसआईआर प्रक्रिया के खिलाफ दिल्ली में हुए हालिया विरोध प्रदर्शनों के बाद खड़ा हुआ है। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, विपक्ष का आरोप है कि इस प्रक्रिया के तहत ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से 13 करोड़ से ज्यादा लोगों के नाम छूट गए हैं। इसी को लेकर कांग्रेस मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और एसआईआर प्रक्रिया को रोकने की मांग कर रही है।

पुराने वीडियो से फडणवीस का हमला

देवेंद्र फडणवीस ने सोशल मीडिया पर 'कांग्रेस का दोहरा रवैया' कैप्शन के साथ जो वीडियो क्लिप साझा की है, वह तेजी से वायरल हो रही है। इस फुटेज में कपिल सिब्बल संसद में एसआईआर ढांचे का आधिकारिक तौर पर बचाव करते हुए दिख रहे हैं। अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में फडणवीस ने लिखा, "कांग्रेस हर मंच से एसआईआर के खिलाफ शोर मचा रही है, लेकिन उनके ही पूर्व कानून मंत्री कपिल सिब्बल के शब्द इस ड्रामे की पोल खोल रहे हैं।" उन्होंने आगे कहा, "शायद नई-नई साजिश की थ्योरी गढ़ने से पहले कांग्रेस को अपना इतिहास देख लेना चाहिए।"

क्या था कपिल सिब्बल का बयान?

वायरल वीडियो में तत्कालीन कानून मंत्री कपिल सिब्बल उन तीन प्रमुख स्थितियों के बारे में बता रहे हैं जिनके तहत एसआईआर प्रक्रिया के जरिए वोटर लिस्ट से नाम हटाए या अपडेट किए जाते हैं। सिब्बल ने कहा था, "डुप्लीकेट एंट्री तब हटाई जाती हैं जब कोई वोटर एक निर्वाचन क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र में जाता है और नए पते पर आसानी से दोबारा रजिस्टर हो जाता है।" उन्होंने यह भी स्पष्ट किया था कि चुनावी क्षेत्रों की सीमाओं के पुनर्गठन और वेरिफिकेशन के बाद मृत लोगों के नाम भी नियमित रूप से हटाए जाते हैं। सिब्बल ने सदन को भरोसा दिलाया था कि रजिस्ट्रेशन अधिकारी किसी भी वैध वोटर को नहीं रोक सकते।

विपक्ष का विरोध और भाजपा का तर्क

कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल एसआईआर को एक 'साजिश' और असंवैधानिक तरीका बताकर सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं। दिल्ली में जंतर-मंतर और चुनाव आयोग मुख्यालय के पास हुए प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षा बलों के साथ झड़पें भी हुईं। वहीं, भाजपा नेताओं ने मुख्यमंत्री फडणवीस के बयान का समर्थन किया है। उनका कहना है कि विपक्ष वोटर लिस्ट को दुरुस्त करने की एक सामान्य प्रक्रिया पर अनावश्यक विवाद पैदा कर रहा है, जिसे उनकी अपनी सरकार ने संसद में मंजूरी दी थी और उसका बचाव भी किया था।

इनपुट: IANS

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News4Social राजनीति डेस्क

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