शनिवार, 26 सितम्बर 2026 · नई दिल्ली
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सबरीमाला तीर्थयात्रा: भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा के लिए केरल पुलिस की व्यापक तैयारी

नवंबर के तीसरे सप्ताह से शुरू हो रही दो महीने लंबी सबरीमाला तीर्थयात्रा के लिए केरल में एक विस्तृत सुरक्षा योजना लागू की जाएगी। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, राज्य के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने…

सबरीमाला तीर्थयात्रा: भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा के लिए केरल पुलिस की व्यापक तैयारी
(फोटो: IANS)

नवंबर के तीसरे सप्ताह से शुरू हो रही दो महीने लंबी सबरीमाला तीर्थयात्रा के लिए केरल में एक विस्तृत सुरक्षा योजना लागू की जाएगी। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, राज्य के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने शुक्रवार को सचिवालय में एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें पुलिस और अन्य एजेंसियों को तीर्थयात्रा शुरू होने से पहले सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। इस योजना का मुख्य केंद्र बिंदु भीड़ नियंत्रण, यातायात प्रबंधन और आपातकालीन प्रतिक्रिया पर रहेगा।

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बैठक में तीर्थयात्रियों के अनुभव को सुगम बनाने पर भी जोर दिया गया। मंत्री चेन्निथला ने तैनात किए जाने वाले पुलिस कर्मियों को श्रद्धालुओं के साथ मैत्रीपूर्ण और सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार रखने का निर्देश दिया। साथ ही, उन्होंने पुलिसकर्मियों के कल्याण का भी ध्यान रखने को कहा, जिसमें 1 नवंबर तक गुणवत्तापूर्ण भोजन, स्वच्छ आवास, पीने का पानी और पुलिस शिविरों की मरम्मत शामिल है।

तकनीक और समन्वय से भीड़ प्रबंधन

इस वर्ष भीड़ को नियंत्रित करने के लिए वर्चुअल कतार प्रणाली (वर्चुअल क्यू सिस्टम) का अधिक प्रभावी ढंग से उपयोग किया जाएगा। केरल के डीजीपी पड़ोसी राज्यों—तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और कर्नाटक—के पुलिस प्रमुखों से संपर्क करेंगे ताकि वहां से आने वाले तीर्थयात्रियों को इस प्रणाली की जानकारी दी जा सके। क्षेत्रीय भाषाओं में प्रेस विज्ञप्तियों, सोशल मीडिया अभियानों और महत्वपूर्ण स्थानों पर साइनबोर्ड व सार्वजनिक घोषणा प्रणालियों के माध्यम से जागरूकता फैलाई जाएगी।

सुरक्षा और निगरानी के कड़े इंतजाम

सन्नीधानम, पंपा और नीलाक्कल जैसे प्रमुख स्थानों पर सुरक्षा और पुलिस संचालन के बीच घनिष्ठ समन्वय स्थापित किया जाएगा। इन तीनों जगहों पर सीसीटीवी निगरानी को मजबूत कर पुलिस नियंत्रण कक्ष से जोड़ा जाएगा। महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था होगी और संवेदनशील जगहों पर पर्याप्त रोशनी सुनिश्चित की जाएगी। आपातकालीन स्थितियों के लिए त्वरित कार्रवाई बल और अग्निशमन एवं बचाव दल को प्रभावी ढंग से तैनात किया जाएगा। मरक्कूट्टम सहित सभी फायर हाइड्रेंट की जांच के लिए मॉक टेस्ट भी होंगे।

यातायात और अन्य व्यवस्थाएं

तीर्थयात्रा के दौरान यातायात और पार्किंग प्रबंधन एक अन्य प्राथमिकता होगी। नीलाक्कल और चाकुपालम में पार्किंग सुविधाओं में सुधार किया जाएगा, जहाँ मिट्टी हटाने से 400 से 500 अतिरिक्त वाहनों की जगह बनेगी। मोटर वाहन विभाग के साथ मिलकर तीर्थयात्रियों को ले जाने वाले वाहनों की फिटनेस और गति की कड़ी जांच की जाएगी। इसके अलावा, सन्निधानम और पंपा में व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की निगरानी भी सख्त होगी, जहाँ काम करने वाले कर्मचारियों के लिए पुलिस सत्यापन और पहचान पत्र अनिवार्य होगा। पुलिस तीर्थयात्रियों को पंपा नदी में कपड़े छोड़ने से भी रोकेगी। इस बैठक में देवस्वम मंत्री के. मुरलीधरन और राज्य पुलिस प्रमुख रवाद आजाद चंद्रशेखर सहित कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।

इनपुट: IANS

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News4Social नेशनल डेस्क

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