एस्सार पावर का अक्षय ऊर्जा में बड़ा कदम, NHPC के साथ 300 मेगावाट की परियोजना के लिए ₹4,500 करोड़ का निवेश
एस्सार ग्रुप की नवीकरणीय ऊर्जा शाखा, एस्सार रिन्यूएबल्स लिमिटेड (ERL), आंध्र प्रदेश में एक बड़ी अक्षय ऊर्जा परियोजना स्थापित करने जा रही है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इस परियोजना के…
एस्सार ग्रुप की नवीकरणीय ऊर्जा शाखा, एस्सार रिन्यूएबल्स लिमिटेड (ERL), आंध्र प्रदेश में एक बड़ी अक्षय ऊर्जा परियोजना स्थापित करने जा रही है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इस परियोजना के लिए कंपनी ने सरकारी नवरत्न उपक्रम NHPC लिमिटेड के साथ एक बिजली खरीद समझौते (Power Purchase Agreement - PPA) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस पूरी परियोजना में एस्सार पावर की ओर से लगभग 4,500 करोड़ रुपए का निवेश किया जाएगा।
यह 300 मेगावाट की परियोजना 'फर्म एंड डिस्पैचेबल रिन्यूएबल एनर्जी' (FDRE) श्रेणी की होगी। इसका मतलब है कि यह सिर्फ मौसम के अनुसार नहीं, बल्कि मांग के आधार पर लगातार और भरोसेमंद बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित करेगी। इसे हासिल करने के लिए सौर ऊर्जा (Solar), पवन ऊर्जा (Wind) और बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (BESS) को एक साथ एकीकृत किया जाएगा।
रणनीतिक विस्तार और भविष्य की योजना
यह परियोजना एस्सार पावर की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत कंपनी कुल 5 गीगावाट का एक विविध ऊर्जा पोर्टफोलियो विकसित कर रही है। इस पोर्टफोलियो में अक्षय ऊर्जा के साथ-साथ पारंपरिक तापीय और गैस-आधारित बिजली उत्पादन संपत्तियां भी शामिल होंगी। इसका उद्देश्य भारत के शहरी और औद्योगिक केंद्रों में बढ़ती बिजली की मांग को पूरा करना और ऊर्जा सुरक्षा को मजबूती देना है।
एस्सार ग्रुप के इंफ्रास्ट्रक्चर ऑपरेटिंग पार्टनर, श्रीनिवासन वैद्यनाथन ने इस मौके पर कहा कि 'विकसित भारत' के लक्ष्य के लिए एक विश्वसनीय और टिकाऊ ऊर्जा तंत्र बनाना बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा, "ऊर्जा क्षेत्र में एस्सार के लंबे अनुभव और नई तकनीकों पर फोकस के कारण समूह भारत की अगली ऊर्जा विकास यात्रा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की स्थिति में है।"
नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में मज़बूत पकड़
इस समझौते को कंपनी की अक्षय ऊर्जा रणनीति में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है। एस्सार पावर के सीईओ अंकुर कुमार के अनुसार, कंपनी सौर, पवन और बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणालियों में एक मजबूत पोर्टफोलियो बनाने पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि NHPC के साथ 300 मेगावाट की यह परियोजना कंपनी के नवीकरणीय ऊर्जा कारोबार को नई मजबूती देगी।
वहीं, NHPC लिमिटेड, जो भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय के अधीन देश की सबसे बड़ी जलविद्युत विकास कंपनी है, ने भी हाल के वर्षों में सौर और पवन ऊर्जा क्षेत्रों में अपने कारोबार का विस्तार किया है। यह परियोजना भारत के 2030 तक 500 गीगावाट अक्षय ऊर्जा क्षमता हासिल करने के राष्ट्रीय लक्ष्य में भी योगदान देगी।
इनपुट: IANS



