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एस्सार पोर्ट्स की बड़ी वापसी: कांडला में 2,276 करोड़ रुपये के नए टर्मिनल का ठेका मिला

एस्सार पोर्ट्स ने भारत के बंदरगाह क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण वापसी की है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी को गुजरात के कांडला में दीनदयाल पोर्ट अथॉरिटी (DPA) से टूना टेकड़ा में एक…

एस्सार पोर्ट्स की बड़ी वापसी: कांडला में 2,276 करोड़ रुपये के नए टर्मिनल का ठेका मिला
(फोटो: IANS)

एस्सार पोर्ट्स ने भारत के बंदरगाह क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण वापसी की है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी को गुजरात के कांडला में दीनदयाल पोर्ट अथॉरिटी (DPA) से टूना टेकड़ा में एक मल्टीपर्पज कार्गो टर्मिनल विकसित करने के लिए लेटर ऑफ अवॉर्ड (LOA) प्राप्त हुआ है। यह विशाल परियोजना सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल के तहत बनाई जाएगी, जिसमें एस्सार पोर्ट्स सबसे ऊंची बोली लगाने वाली कंपनी के रूप में उभरी है।

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इस प्रोजेक्ट की कुल अनुमानित लागत 2,276.06 करोड़ रुपये है, जिसमें एस्सार पोर्ट्स का निवेश 1,552.57 करोड़ रुपये से अधिक होगा, जबकि दीनदयाल पोर्ट अथॉरिटी 723.49 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। यह टर्मिनल 'बिल्ड, ऑपरेट एंड ट्रांसफर' (BOT) आधार पर विकसित किया जाएगा, जिसका अर्थ है कि एस्सार इसे बनाएगी, कुछ वर्षों तक चलाएगी और फिर इसका स्वामित्व पोर्ट अथॉरिटी को सौंप देगी।

टर्मिनल की क्षमता और विशेषताएं

यह नया टर्मिनल भारत के पश्चिमी तट पर देश की समुद्री व्यापार क्षमता को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगा। इसकी कुछ प्रमुख विशेषताएं इस प्रकार हैं:

  • माल ढुलाई क्षमता: टर्मिनल की सालाना माल ढुलाई क्षमता 1.833 करोड़ टन होगी।
  • बर्थ की लंबाई: इसमें 300-300 मीटर के चार बर्थ होंगे, जिससे कुल बर्थ लंबाई 1,200 मीटर हो जाएगी।
  • बड़े जहाजों का संचालन: यह टर्मिनल 1,70,000 डेडवेट टन (DWT) तक के बड़े 'केप-साइज' जहाजों को संभालने में सक्षम होगा। यहां 18 मीटर तक के ड्राफ्ट वाले जहाज भी आ सकेंगे।

इस परियोजना के तहत, DPA प्रवेश चैनल और बर्थ पॉकेट की ड्रेजिंग (गहराई बढ़ाना) के साथ-साथ एक साझा संपर्क सड़क जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराएगा।

एस्सार के लिए एक निर्णायक क्षण

इस उपलब्धि पर एस्सार पोर्ट्स के सीईओ आशीष राजगढ़िया ने कहा, "टूना टेकड़ा परियोजना एस्सार पोर्ट्स के लिए एक निर्णायक क्षण है, क्योंकि हम अपने बंदरगाह कारोबार को फिर से खड़ा करने और उसका विस्तार करने की नई यात्रा शुरू कर रहे हैं।" उन्होंने आगे कहा, "लगभग 2,000 करोड़ रुपये के निवेश वाली यह परियोजना हमारी विकास यात्रा के अगले चरण की नींव बनेगी। हमें विशेष रूप से इस परियोजना को आगे बढ़ाने पर गर्व है, जिसकी आधारशिला माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रखी थी। इस निवेश के माध्यम से हम विश्वस्तरीय समुद्री बुनियादी ढांचा विकसित करने और प्रधानमंत्री के विकसित भारत 2047 के विजन में योगदान देने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हैं।"

एस्सार ग्रुप के ऑपरेटिंग पार्टनर (इंफ्रास्ट्रक्चर) वी. श्रीनिवासन ने भी इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, "हमारी रणनीति बंदरगाह बुनियादी ढांचे में अपनी स्थापित विशेषज्ञता का लाभ उठाते हुए भारत की बढ़ती व्यापार और बुनियादी ढांचा संबंधी जरूरतों को पूरा करने वाले अवसरों पर काम करने की है।"

उद्योग पर प्रभाव

इस नए टर्मिनल के बनने से कांडला पोर्ट के मौजूदा ड्राई-कार्गो बर्थ पर दबाव कम होने की उम्मीद है। इससे न केवल परिचालन क्षमता में सुधार होगा, बल्कि लॉजिस्टिक्स क्षेत्र की प्रतिस्पर्धात्मकता भी बढ़ेगी। बड़े जहाजों के इस्तेमाल से माल परिवहन की लागत में भी कमी आएगी। इसका विकास ग्रीन पोर्ट पॉलिसी के मानकों के अनुरूप किया जाएगा।

इनपुट: IANS

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