केरल: CMRL-एक्सालॉजिक मामले में मुख्यमंत्री पिनराई विजयन को ED का समन, 23 अक्टूबर को पेशी
केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सीएमआरएल-एक्सालॉजिक लेनदेन मामले में पूछताछ के लिए तलब किया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, एजेंसी ने विजयन को 23 अक्टूबर…
केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सीएमआरएल-एक्सालॉजिक लेनदेन मामले में पूछताछ के लिए तलब किया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, एजेंसी ने विजयन को 23 अक्टूबर को पेश होने के लिए समन जारी किया है। यह कार्रवाई ED द्वारा 14 अक्टूबर को इस मामले में प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट (ECIR) दर्ज किए जाने के बाद हुई है।
यह पूरा मामला कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (CMRL) द्वारा मुख्यमंत्री की बेटी वीणा विजयन की कंपनी एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस को किए गए कथित भुगतान से जुड़ा है। ईडी का समन ऐसे समय में आया है जब विजयन और उनके परिवार के लिए कानूनी चुनौतियाँ बढ़ गई हैं।
कानूनी लड़ाई और अदालती झटके
यह घटनाक्रम केरल हाईकोर्ट के एक फैसले के ठीक बाद हुआ है, जिसमें इस लेनदेन के संबंध में भ्रष्टाचार का मामला दर्ज करने का निर्देश दिया गया था। मुख्यमंत्री पिनराई विजयन और उनके दामाद व राज्य सरकार में मंत्री मोहम्मद रियास ने हाईकोर्ट के इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, लेकिन उन्हें तत्काल सुनवाई से राहत नहीं मिली।
उनकी याचिका में सतर्कता विभाग द्वारा प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने की कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की गई थी। हालांकि, केरल हाईकोर्ट की खंडपीठ ने गुरुवार को उनकी उस याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें एकल न्यायाधीश के आदेश के खिलाफ अपील की अनुमति मांगी गई थी। अदालत ने स्पष्ट किया कि प्राथमिकी दर्ज करने से पहले आरोपियों को सुनवाई का मौका देना आवश्यक नहीं है और अगर मामला दर्ज करने के लिए पर्याप्त सामग्री है तो प्रारंभिक जांच भी अनिवार्य नहीं है।
दोहरी जांच और आरोपी
इस मामले में दो केंद्रीय और राज्य एजेंसियां समानांतर जांच कर रही हैं। सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (VACB) और प्रवर्तन निदेशालय, दोनों ने अलग-अलग मामले दर्ज किए हैं। एक मामले में पिनराई विजयन पहले और उनकी बेटी वीणा दूसरी आरोपी हैं। वहीं, दूसरे मामले में विधायक मोहम्मद रियास को पहला और उनकी पत्नी वीणा को दूसरा आरोपी बनाया गया है।
यह पहला मौका है जब मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के पोलित ब्यूरो के किसी सदस्य को ईडी ने समन भेजा है, जिससे यह मामला और भी महत्वपूर्ण हो गया है।
इनपुट: IANS



