रहेजा डेवलपर्स: घर खरीदारों के ₹1353 करोड़ की मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप, ED ने चार्जशीट दाखिल की
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने रियल एस्टेट कंपनी रहेजा डेवलपर्स और उसके प्रमोटरों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में चार्जशीट दाखिल की है। कंपनी पर आरोप है कि उसने घर खरीदारों…
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने रियल एस्टेट कंपनी रहेजा डेवलपर्स और उसके प्रमोटरों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में चार्जशीट दाखिल की है। कंपनी पर आरोप है कि उसने घर खरीदारों से जुटाए गए धन में से लगभग 1,353.26 करोड़ रुपये की हेराफेरी की। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, यह चार्जशीट 6 नवंबर को दिल्ली की साकेत स्थित विशेष PMLA अदालत में धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 की संबंधित धाराओं के तहत दायर की गई।
ईडी की जांच दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) और गुरुग्राम पुलिस द्वारा दर्ज की गई कई FIR पर आधारित है। इन शिकायतों में आरोप लगाया गया था कि रहेजा रिवांटा, अटलांटिस, नवीन मीनार और द दिल्ली मॉल जैसी परियोजनाओं में घर और व्यावसायिक इकाइयां बुक करने वाले खरीदारों को न तो कब्जा मिला और न ही उनका पैसा वापस किया गया।
कौन-कौन हैं आरोपी?
चार्जशीट में कुल 21 व्यक्तियों और संस्थाओं को आरोपी बनाया गया है। इसमें कंपनी रहेजा डेवलपर्स लिमिटेड (RDL) के अलावा उसके प्रबंध निदेशक नवीन एम. रहेजा, उनकी पत्नी निर्मल रहेजा, बेटे नयन एन. रहेजा और बेटी नयना एन. सिंघानिया के नाम प्रमुख रूप से शामिल हैं। इन सभी पर PMLA की धारा 3 के तहत मनी लॉन्ड्रिंग करने और धारा 4 के तहत दंडनीय अपराध के आरोप लगाए गए हैं।
जांच में क्या सामने आया?
जांच के अनुसार, रहेजा डेवलपर्स ने दिल्ली और गुरुग्राम में अपनी आवासीय और व्यावसायिक परियोजनाओं को समय पर पूरा करने का वादा करके लगभग 4,600 खरीदारों और निवेशकों से 2,699.13 करोड़ रुपये जुटाए थे। ईडी ने पाया कि इस राशि में से 1,353.26 करोड़ रुपये को निर्माण कार्यों पर खर्च करने के बजाय अन्य मकसदों के लिए इस्तेमाल किया गया, जिसे एजेंसी ने 'अपराध की आय' (Proceeds of Crime) माना है।
इस रकम में से 1,175.86 करोड़ रुपये परियोजना, एस्क्रो और RERA खातों से निकाले गए, जबकि 177.40 करोड़ रुपये खरीदारों से आधिकारिक समझौतों के बाहर नकद में लिए गए थे। जांच में यह भी पता चला कि समूह की अधिकांश परियोजनाएं आज भी अधूरी हैं। खरीदारों के पैसे को समूह की अन्य कंपनियों और कर्मचारियों व उनके रिश्तेदारों के नाम पर बनी कंपनियों में स्थानांतरित कर दिया गया।
ED की कार्रवाई और संपत्ति की कुर्की
इस मामले में ईडी ने 25 अप्रैल और 27 जून को दिल्ली-एनसीआर में रहेजा डेवलपर्स और उससे जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की थी, जिसमें आपत्तिजनक दस्तावेज, डिजिटल उपकरण और कीमती सामान जब्त किए गए। एजेंसी ने दो अस्थायी कुर्की आदेशों के जरिए 810.57 करोड़ रुपये के बुक वैल्यू वाली अचल संपत्तियों को भी कुर्क किया है, जिनका मौजूदा बाजार मूल्य 2,399.65 करोड़ रुपये आंका गया है।
ईडी ने अदालत को यह भी बताया कि नवीन रहेजा समेत उनके परिवार के सदस्यों ने जांच में सहयोग नहीं किया और कई समन की अनदेखी की। एजेंसी ने इन चारों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी करने की मांग की है। इससे पहले, नयन एन. रहेजा की अग्रिम जमानत याचिका विशेष अदालत और दिल्ली हाईकोर्ट दोनों से खारिज हो चुकी है।
इनपुट: IANS



