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ओडिशा: मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ED का बड़ा एक्शन, राउरकेला के मॉल की ₹24.60 करोड़ की संपत्ति कुर्क

ओडिशा में एक बड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई की है। ED ने राउरकेला स्थित प्लूटो प्लाजा मॉल की 24.60 करोड़ रुपए की अचल संपत्ति को अस्थायी रूप से जब्त कर…

ओडिशा: मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ED का बड़ा एक्शन, राउरकेला के मॉल की ₹24.60 करोड़ की संपत्ति कुर्क
(फोटो: IANS)

ओडिशा में एक बड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई की है। ED ने राउरकेला स्थित प्लूटो प्लाजा मॉल की 24.60 करोड़ रुपए की अचल संपत्ति को अस्थायी रूप से जब्त कर लिया है। समाचार एजेंसी IANS से मिली जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA), 2002 के प्रावधानों के तहत मां तारिणी इंडस्ट्रीज लिमिटेड (MTIL) से जुड़े एक मामले में की गई है।

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कुर्क की गई संपत्ति में राउरकेला के छेंड इलाके में स्थित प्लूटो प्लाजा मॉल का भूतल, पहला तल और दूसरे तल का कुछ हिस्सा शामिल है। यह संपत्ति प्लूटो प्लाजा प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर है, जिसे हनुमान खेदारिया नियंत्रित करते हैं।

क्या है पूरा मामला?

ED की यह जांच CBI द्वारा दर्ज की गई एक FIR पर आधारित है। यह FIR मां तारिणी इंडस्ट्रीज लिमिटेड, उसके निदेशकों और भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अधीन आने वाले उपक्रम PEC लिमिटेड के अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज की गई थी।

आरोपों के मुताबिक, MTIL ने PEC लिमिटेड के कुछ अधिकारियों के साथ मिलकर धोखाधड़ी की थी। कंपनी ने अपनी गलत वित्तीय स्थिति दिखाकर और अपनी संपत्तियों पर पहले से मौजूद देनदारियों को छिपाकर लौह अयस्क खरीदने के लिए 19.40 करोड़ रुपए की वित्तीय सहायता हासिल कर ली थी। इसी तरह, एक संबंधित कंपनी तथागत एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड (TEPL) ने भी PEC लिमिटेड से 16 करोड़ रुपए की वित्तीय सहायता ली थी।

धोखाधड़ी से मिले पैसे का क्या हुआ?

ED ने बताया कि जब यह लोन नॉन-परफॉर्मिंग एसेट (NPA) में बदल गया, तो उस समय ब्याज सहित PEC लिमिटेड का कुल बकाया लगभग 56.89 करोड़ रुपए हो चुका था। जांच में पता चला कि PEC से मिले पैसों को MTIL और TEPL के बैंक खातों के जरिए घुमाया गया। इस फंड का इस्तेमाल MTIL के पूर्व शेयरधारकों को शेयर खरीद मूल्य का भुगतान करने के लिए किया गया, जिसमें हनुमान खेदारिया भी शामिल थे।

एजेंसी के अनुसार, हनुमान खेदारिया और उनकी सहयोगी संस्थाओं को करीब 15.31 करोड़ रुपए मिले। इस राशि पर आनुपातिक ब्याज जोड़ने पर कुल रकम 24.60 करोड़ रुपए हो गई। बाद में इस पैसे को अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर किया गया और नकद निकासी, निवेश व अन्य व्यावसायिक खर्चों के लिए इस्तेमाल किया गया। इसी के चलते, अपराध की आय के बराबर मूल्य की संपत्ति के रूप में प्लूटो प्लाजा मॉल की संपत्ति को अस्थायी रूप से कुर्क किया गया है।

इनपुट: IANS

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News4Social नेशनल डेस्क

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