सीमा पार से ड्रोन तस्करी: NIA ने दो और आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की
अंतरराष्ट्रीय सीमा पार से हथियार और नशीले पदार्थों की तस्करी के एक मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने अपनी तीसरी चार्जशीट दायर की है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस चार्जशीट में दो नए…
अंतरराष्ट्रीय सीमा पार से हथियार और नशीले पदार्थों की तस्करी के एक मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने अपनी तीसरी चार्जशीट दायर की है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस चार्जशीट में दो नए आरोपियों को नामजद किया गया है, जबकि पहले से आरोपित छह अन्य लोगों पर गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी UAPA की अतिरिक्त धाराएं लगाई गई हैं।
यह पूरा मामला उत्तरी भारत में सक्रिय एक संगठित तस्करी नेटवर्क से जुड़ा है, जिसके तार सीमा पार से जुड़े होने के आरोप हैं। NIA की जांच में सामने आया है कि इस गिरोह के सदस्य ड्रोन का इस्तेमाल कर अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास विदेशी हथियार, गोला-बारूद और हेरोइन की खेप गिराते थे। इसके बाद भारत की तरफ मौजूद नेटवर्क के सदस्य इन खेपों को उठाकर राजस्थान, हरियाणा और पंजाब जैसे राज्यों में सप्लाई करते थे।
नए आरोपी और कानूनी कार्रवाई
एजेंसी ने जिन दो नए आरोपियों को चार्जशीट में शामिल किया है, उनकी पहचान सत्यनारायण मेघवाल (पिता: अमी लाल) और साहिल गोदारा (पिता: विजय सिंह) के रूप में हुई है। इन दोनों को जुलाई 2026 में गिरफ्तार किया गया था। यह आरोप पत्र जयपुर स्थित NIA की विशेष अदालत में UAPA, शस्त्र अधिनियम, NDPS अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत दाखिल किया गया है।
NIA इस मामले में पहले भी 14 अगस्त, 2025 और 5 फरवरी, 2026 को दो आरोप पत्र दाखिल कर चुकी है।
नेटवर्क का काम करने का तरीका
जांचकर्ताओं ने पाया कि यह गिरोह कानून प्रवर्तन एजेंसियों से बचने, अपनी गतिविधियों में तालमेल बिठाने और लॉजिस्टिक्स के प्रबंधन के लिए एन्क्रिप्टेड संचार चैनलों का इस्तेमाल करता था। NIA ने यह भी आरोप लगाया है कि इस नेटवर्क का मकसद नशीले पदार्थों का प्रसार कर युवाओं को निशाना बनाना, उन्हें नशे का आदी बनाना और भारत के खिलाफ असंतोष पैदा करना था। एजेंसी ने कहा है कि मामले में अन्य संदिग्धों की पहचान करने और पूरे नेटवर्क का खुलासा करने के लिए आगे की जांच जारी है।
इनपुट: IANS



