PoK में हिंसक झड़पें: शटर-डाउन हड़ताल के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों में टकराव, कई घायल
पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में रविवार को जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के बुलावे पर हुई शटर-डाउन हड़ताल हिंसक झड़पों में बदल गई। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, मीरपुर जिले समेत कई इलाको
पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में रविवार को जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के बुलावे पर हुई शटर-डाउन हड़ताल हिंसक झड़पों में बदल गई। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, मीरपुर जिले समेत कई इलाकों में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव हुआ, जिसमें कुछ पुलिसकर्मियों सहित करीब एक दर्जन लोग घायल हो गए।
सबसे गंभीर झड़पें मीरपुर जिले के ददयाल शहर में हुईं, जहाँ शाम तक चलीं अलग-अलग घटनाओं में कई लोग घायल हुए। डॉन अखबार के हवाले से मीरपुर डिविजनल हेडक्वार्टर हॉस्पिटल के अधिकारियों ने बताया कि उनके पास चार घायल लाए गए, जिनमें से दो की हालत गंभीर थी। झड़पों की शुरुआत ददयाल के अंब गांव से हुई, जिसमें कम से कम तीन लोगों के घायल होने की खबर है।
मुजफ्फराबाद में भी तनाव
राजधानी मुजफ्फराबाद में भी हड़ताल का व्यापक असर दिखा। बाज़ार पूरी तरह बंद रहे और सार्वजनिक परिवहन ठप होने से सड़कें सुनसान रहीं। यहाँ पुलिस ने फ्लैग मार्च भी किया, लेकिन एयरपोर्ट चौक पर स्थिति बिगड़ गई। पुलिस को प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए आंसू गैस के गोलों का इस्तेमाल करना पड़ा। इस प्रदर्शन में लगभग एक दर्जन महिलाएं भी शामिल थीं। पुलिस सूत्रों ने बताया कि इस दौरान चार पुरुषों और तीन महिलाओं को गिरफ्तार किया गया। बाद में, लोगों ने पुलिस द्वारा अत्यधिक बल प्रयोग के विरोध में धरना भी दिया।
पूरे क्षेत्र में फैला विरोध
विरोध प्रदर्शन सिर्फ मीरपुर या मुजफ्फराबाद तक सीमित नहीं थे। भीमबेर की समाहनी घाटी और बरनाला सबडिवीजन के मोयेल गांव में महिलाओं और बच्चों ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन किए। वहीं, पुंछ डिवीजन के शुजाबाद, हजीरा और अब्बासपुर जैसे कई इलाकों में भी विरोध रैलियाँ हुईं। इंटरनेट सेवाएं लगातार 30वें दिन भी बंद रहीं, जिससे क्षेत्र में तनाव बना हुआ है।
JAAC ने दी 8 जुलाई की डेडलाइन
इस बीच, रविवार शाम को हुई एक बैठक में JAAC कोर कमेटी के सदस्य इम्तियाज असलम ने सरकार को उनकी मांगों को लागू करने के लिए 8 जुलाई तक की अंतिम समय सीमा दी है। उन्होंने चेतावनी दी, "अगर मांगें नहीं मानी गईं, तो हम 9 जुलाई को अपने धरने का एक महीना पूरा होने पर अगले कदम का ऐलान करेंगे।" गौरतलब है कि पाकिस्तानी अधिकारियों ने 5 जून को JAAC को गैरकानूनी संगठन घोषित कर दिया था, जिसके बाद से ही PoK में अशांति और बढ़ गई है। JAAC की प्रमुख मांगों में पाकिस्तानी शरणार्थियों के लिए आरक्षित 12 विधानसभा सीटों को खत्म करना भी शामिल है।
इनपुट: IANS



